सहारा निवेशकों की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर हल्लाबोल
समाजसेवी नरेश कांकरवाल सहित पीड़ित निवेशक 2 अगस्त को गांधी प्रतिमा पर करेंगे अनशन
रायगढ़/ सहारा इंडिया में वर्षों पहले जमा की गई जीवनभर की पूंजी वापस नहीं मिलने से परेशान निवेशकों का आक्रोश अब आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। इसी क्रम में सहारा पीड़ित जमाकर्ताओं की ओर से “सहारा ने किया बेसहारा” अभियान के तहत नेतृत्वकर्ता नरेश कंकरवाल के नेतृत्व में पांच सूत्रीय मांगों को लेकर भूख हड़ताल अगामी 2 अगस्त से शुरू की जाएगी। आंदोलन का उद्देश्य जिले सहित प्रदेश के उन हजारों निवेशकों को न्याय दिलाना है, जिनकी जमा राशि वर्षों बाद भी वापस नहीं मिल सकी है।
निवेशकों ने बताया कि सहारा प्रबंधन की लापरवाही और प्रशासनिक कार्रवाई में देरी के कारण लाखों परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। निवेशकों का आरोप है कि कई लोगों ने अपनी जीवनभर की बचत, बच्चों की शिक्षा, बेटी की शादी और बुजुर्गावस्था की जरूरतों के लिए सहारा योजनाओं में निवेश किया था, लेकिन परिपक्वता अवधि पूरी होने के बाद भी राशि का भुगतान नहीं किया गया।पीड़ितों ने बताया कि प्रशासन और सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सहारा के समस्त मैनेजरों एवं एजेंटों की संपत्ति कुर्क करने, एजेंट जयप्रकाश शर्मा एवं संतोष सिंह को तत्काल गिरफ्तार करने, रायगढ़ जिले के सभी निवेशकों का भुगतान शीघ्र कराने, जिला प्रशासन द्वारा एक विशेष शिविर लगाकर निवेशकों की जमा रसीदों के आधार पर वास्तविक आंकड़ों का सर्वे कराने तथा कोतवाली पुलिस द्वारा फ्रीज खातों को अनफ्रीज कराने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई कर निवेशकों की राशि वापस दिलाने की मांग शामिल है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उनका कहना है कि वर्षों से न्याय की उम्मीद में भटक रहे निवेशकों का धैर्य अब जवाब देने लगा है और वे अपने हक की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से लगातार जारी रखेंगे।




