HomeBlogखरसिया में गूंज रहा श्रीमद भागवत कथा की अमृतधारा

खरसिया में गूंज रहा श्रीमद भागवत कथा की अमृतधारा

खरसिया में गूंज रहा श्रीमद भागवत कथा की अमृतधारा

प्रत्येक प्रसंग हमें मानवता, वैष्णवता और भगवत्ता की देता है शिक्षा : पं. मृदुल कृष्ण शास्त्री

गर्ग परिवार, बहु झोलरी वाले द्वारा भव्य आयोजन, कलश शोभायात्रा के साथ हुआ कथा का शुभारंभ

खरसिया। धर्मनगरी खरसिया में  सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य एवं भक्तिमय आयोजन प्रारंभ हो गया है। गर्ग परिवार बहु झोलरी वाले, खरसिया के द्वारा आयोजित इस धार्मिक आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। कथा का आयोजन 13 से 19 सितंबर 2026 तक अजित सिंह नगर, कन्या भवन के पास, खरसिया में किया जा रहा है । व्यासपीठ कथा का वाचन श्रीधाम वृंदावन के प्रसिद्ध भागवत रत्न एवं कथा व्यास श्रद्धेय आचार्य श्री मुदुल कृष्ण शास्त्री के श्रीमुख से कथा का रसा – स्वादन करने का सौभाग्य मिल रहा है l व्यास पीठ श्री मृदुल कृष्ण गोस्वामी मृदुल कृष्ण जन्म 1 अगस्त 1975 को वृंदावन, उत्तर प्रदेश में हुआ l उनके पिता श्री मूल बिहारी प्रसिद्ध भागवत कथा वक्ता व माता श्रीमती शांति गोस्वामी के यहां हुआ l इनका आध्यात्मिक जीवन श्री हरिदास जी की छठी पीढ़ी से हैं। उन्होंने अपने पिता से ही संस्कृत और भागवत का गहरा ज्ञान प्राप्त किया। मात्र 16 वर्ष की आयु में उन्होंने हरिद्वार में पहली बार भागवत पुराण का प्रवचन किया था। उन्होंने अब तक हजारों श्रीमद्भागवत कथाओं का आयोजन व वाचन किया है। इनका विवाह वंदना गोस्वामी जी के साथ हुआ है। उनके पुत्र का नाम आचार्य गौरव कृष्ण गोस्वामी है, जो वेदों और वैष्णव दर्शन का प्रसार कर रहे हैं। इनके द्वारा मुख्य कार्य वृंदावन में राधा स्नेह बिहारी मंदिर का निर्माण और जीर्णोद्धार कराया गया है।

*शोभायात्रा से हुआ सात दिवसीय कथा का शुभारंभ*

आयोजन के प्रथम दिन रविवार, 13 सितंबर को प्रातः 10 बजे श्री श्याम मंदिर, स्टेशन चौक, खरसिया से भव्य शोभायात्रा निकाली गई । धार्मिक वातावरण के बीच निकलने वाली शोभायात्रा कथा स्थल अजित सिंह नगर, कन्या भवन के पास पहुंची जहां श्रीमद्भागवत महापुराण का विधिवत पूजन एवं मंगलाचरण के साथ कथा का शुभारंभ हुआ l प्रथम दिन की कथा में आचार्य मृदुल कृष्ण शास्त्री ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का प्रत्येक प्रसंग हमें मानवता, वैष्णवता और भगवत्ता की शिक्षा देता है। उन्होंने कहा कि केवल कथा सुनने मात्र से कल्याण नहीं होता है, बल्कि श्रवण के बाद उसका चिंतन और मनन करना भी जरूरी होता है। कथा को अपने आचरण और जीवन में उतारने से ही व्यक्ति सांसारिक समस्याओं से पार पा सकता है और उसका जीवन सार्थक होता है l आयोजकों ने श्रद्धालुओं से कथा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया है।

*13 से 19 सितंबर तक प्रतिदिन कथा*

आयोजन के तहत सात दिनों तक भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, भागवत महापुराण के प्रसंगों और सनातन धर्म के आध्यात्मिक संदेशों से श्रद्धालु रूबरू होंगे। कथा का समय दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक निर्धारित किया गया है l रविवार 13 सितंबर को कलश यात्रा, कथा स्थापना एवं श्रीमद्भागवत महापुराण मंगलाचरण से कथा का शुभारंभ हुआ l सोमवार 14 सितंबर को कपिल भगवान एवं ध्रुव चरित्र का प्रसंग होगा l मंगलवार 15 सितंबर को अजामिल कथा एवं श्री प्रह्लाद चरित्र का वर्णन किया जाएगा। बुधवार 16 सितंबर को श्री वामन भगवान, श्रीराम जन्म, श्रीकृष्ण जन्म एवं नंद उत्सव मनाया जाएगा। गुरुवार 17 सितंबर को कृष्ण लीला, श्री गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग एवं फूल उत्सव का आयोजन होगा। शुक्रवार 18 सितंबर को महारास लीला, उद्धव चरित्र, श्रीकृष्ण मथुरा गमन एवं रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया जाएगा। शनिवार 19 सितंबर को श्री सुदामा चरित्र, व्यास पूजन, श्रीमद्भागवत कथा विश्राम, हवन सहित कथा का समापन होगा।

*आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता*

भागवत कथा के लिए विशेष रूप से वृंदावन से पधार रहे आचार्य आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता श्रद्धेय आचार्य श्री मुदुल कृष्ण गोस्वामी जी का कथा व्यास है l आचार्य श्रीधाम वृंदावन से संबद्ध हैं और श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, धर्म और आध्यात्मिक जीवन के संदेश से जोड़ते हैं।भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ने का अवसर भी मानी जाती है। कथा के दौरान भगवान के विभिन्न चरित्रों एवं लीलाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को सत्य, भक्ति, सेवा, प्रेम और सदाचार का संदेश दिया जाएगा।

*कृष्ण जन्म और नंद उत्सव रहेगा विशेष आकर्षण*

सात दिवसीय आयोजन में 16 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्म एवं नंद उत्सव विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। वहीं 17 सितंबर को श्री गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग एवं फूल उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा रुक्मिणी विवाह और सुदामा चरित्र जैसे भावपूर्ण प्रसंग भी श्रद्धालुओं को भक्ति और भाव से जोड़ेंगे l कथा के दौरान भक्ति, ज्ञान और आध्यात्मिक प्रसंगों से पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया है। भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव एवं नंदोत्सव  विशेष रहने वाला है l श्रीकृष्ण जन्म के प्रसंग के साथ कथा स्थल पर भव्य झांकी, भजन-कीर्तन और उत्साहपूर्ण धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की मंगल बेला में श्रद्धालु जयकारों के साथ उत्सव मनाएंगे। “नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से कथा पंडाल गूंज उठेगा। नंदोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण भी किया जाएगा।आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की तैयारी की गई है। गर्ग परिवार एवं आयोजन से जुड़े सदस्य धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। 

*गर्ग परिवार ने श्रद्धालुओं से की सहभागिता की अपील*

आयोजक गर्ग परिवार बहु झोलरी वाले, खरसिया ने नगर एवं आसपास के क्षेत्र के सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से परिवार सहित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों का कहना है कि भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य को आध्यात्मिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में संस्कार, सद्भाव और सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है l आज शोभायात्रा के साथ शुरू होने वाला यह सात दिवसीय धार्मिक आयोजन आगामी 19 सितंबर तक खरसिया में भक्ति और अध्यात्म की अलख जगाएगा।भंडारा एवं प्रसाद वितरण भी आयोजन के अवसर पर भंडारा एवं प्रसाद वितरण का भी कार्यक्रम रखा गया है। श्रद्धालुओं से इस धार्मिक आयोजन में सहभागी बनकर प्रसाद ग्रहण करने एवं पुण्यलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया गया है।

*आयोजक परिवार के प्रमुख सदस्य*

धर्म नगरी खरसिया में आयोजित होने वाले श्रीमद्भागवत कथा एवं धार्मिक आयोजन की तैयारियों में गर्ग परिवार बहु झोलरी वाले के प्रमुख सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आयोजन में ताराचंद शिवलाल गर्ग, ताराचंद मांगेलाल गर्ग, सूरजभान रमेश कुमार गर्ग, प्यारे लाल विष्णु प्रसाद गर्ग, सत्यनारायण गोवर्धन प्रसाद गर्ग, बाबूलाल नटवरलाल गर्ग, शिवलाल कंवरलाल गर्ग, शिवलाल रामअवतार गर्ग, नरसिंगदास खेमचंद गर्ग, खेमचंद दुर्गाप्रसाद गर्ग, टेकचंद बनवारीलाल गर्ग, टेकचंद गोपीराम गर्ग, हरि कुमार जयप्रकाश गर्ग, केशव प्रसाद मनीष गर्ग, बनवारीलाल छेदीलाल गर्ग, बनवारीलाल बाबूलाल गर्ग, बनवारीलाल विजय गर्ग, जीतराम बैजनाथ गर्ग एवं बैजनाथ श्यामसुंदर गर्ग, कमल गर्ग, सुनील गर्ग, दुर्गा गर्ग, राकेश गर्ग, विमल गर्ग एवं मयंक गर्ग सहित परिवार के अन्य सदस्य सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

spot_img
spot_img

JANKARM DAILY EPAPER

Recent Artical

स्टेशन चौक पर अतिक्रमण को लेकर निगम सख्त, 24 घंटे की मोहलत; नहीं हटे शेड-ठेले तो होगी कार्रवाई

स्टेशन चौक पर अतिक्रमण को लेकर निगम सख्त, 24 घंटे की मोहलत, नहीं हटे शेड-ठेले तो होगी कार्रवाई रायगढ़। स्टेशन चौक स्थित प्रधान डाकघर के...