गोवर्धनपुर माध्यमिक स्कूल 15 वर्षों से पहुंच मार्ग से दूर, शिक्षा के दावों की खुली पोल, बच्चे जोखिम लेने मजबूर
रायगढ़/ एक ओर जहां शासन-प्रशासन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नित नए-नए प्रयास करने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। गोवर्धनपुर स्थित माध्यमिक शाला अपने निर्माण के 15 वर्ष बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। हालात ऐसे हैं कि आज तक न तो स्कूल तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क का निर्माण हो सका है और न ही सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक बाउंड्रीवाल ही बनाई गई है।स्कूल प्रबंधन द्वारा इन गंभीर समस्याओं से जिला शिक्षा विभाग को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन हर बार यह पहल महज कागजी खानापूर्ति बनकर रह गई। पहुंच मार्ग के अभाव में जहां रोजाना दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, वहीं बारिश के दिनों में स्कूल तक पहुंचना बच्चों और शिक्षकों दोनों के लिए बेहद जोखिमभरा हो जाता है।गोवर्धनपुर को निगम क्षेत्र में शामिल हुए भी कई वर्ष बीत चुके हैं, इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक स्कूल पहुंच सड़क निर्माण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
जनसुराज में भी नहीं बनी बात
गौरतलब हो कि प्रदेश शासन द्वारा सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जनसुराज अभियान चलाया गया, जिसमें आम नागरिकों से समस्याएं लेकर उनके समाधान का भरोसा दिलाया गया था। इसी कड़ी में गोवर्धनपुर माध्यमिक शाला के लिए भी पहुंच मार्ग निर्माण को लेकर आवेदन सौंपा गया।आवेदन के बाद निगम आयुक्त द्वारा मौके का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा भी लिया गया था, लेकिन निरीक्षण के छह माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सड़क निर्माण को लेकर कोई सकारात्मक पहल नहीं हो सकी। इससे यह सवाल उठने लगा है कि क्या स्कूल की समस्या की तरह आमजन की अन्य शिकायतें भी सिर्फ फाइलों तक ही सीमित रह गई हैं, या फिर जिम्मेदार अपनी जिम्मेदारी निभाने से कतरा रहे हैं।


बारिश के दौरान अघोषित अवकाश
गोवर्धनपुर माध्यमिक शाला के पहुंच मार्ग की बदहाली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सामान्य दिनों में जहां सड़क पर जलभराव और बड़े-बड़े गड्ढे दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, वहीं बारिश के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं। मार्ग में लबालब भरा पानी आवागमन पूरी तरह बाधित कर देता है।
स्थिति यह है कि कोई वैकल्पिक मार्ग न होने के कारण बारिश के दौरान स्कूल बंद रखने की नौबत आ जाती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है। इसके बावजूद शिक्षा को लेकर गंभीरता दिखाने वाले शासन-प्रशासन की संवेदनशीलता अब तक इस सड़क निर्माण के मामले में नजर नहीं आई है।
वर्शन/ स्कूल तक पहुंच मार्ग न होने के कारण बारिश के दौरान मार्ग में जलभराव रहता है। जिसकी वजह से दो माह स्कूल बंद करने की नौबत आ जाती है। सड़क निर्माण को लेकर जनसुराज में आवेदन दिया गया है। उम्मीद है बच्चों को स्कूल पहुंचने सड़क सुविधा उपलब्ध होगी।
श्रीमती संतोषी पदुम प्रजा
पार्षद वार्ड क्रमांक 47




