डेढ़ माह से अधूरा पड़ा पुरानी हटरी का सड़क नाली निर्माण कार्य
खुली नालियों से दुर्घटना का खतरा, व्यवसाय हो रहा प्रभावित, लेट लतीफी पर कार्यवाही कब…???
रायगढ़/ शहर के वार्ड क्रमांक 17 स्थित पुरानी हटरी क्षेत्र में चल रहा सड़क और नाली निर्माण कार्य अब लोगों के लिए जी का जंजाल बन गया है।लगभग डेढ़ महीने से जारी निर्माण कार्य अब भी पूरा नहीं हो सका है।जिसकी वजह से व्यवसायियों, राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र में नाली निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढों को पिछले लगभग माह भर से खुला छोड़ दिया गया है, जिसके कारण दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार हटरी चौक में लगभग 11.50 लाख रुपए की लागत से करीब 350 मीटर सड़क एवं नाली निर्माण कार्य कराया जा रहा है। प्रारंभिक दिनों में कार्य तेजी से शुरू हुआ, लेकिन सप्ताहभर बाद ही निर्माण की रफ्तार अचानक थम गई।कभी लेबर की समस्या तो कभी मटेरियल की कमी इस कार्य में रोड़ा बन रही है।वही निगम के अधिकारियों की माने तो नाली निर्माण कार्य में डिस्मेंटल की समस्या भी रही।वर्तमान में भी इसका कार्य कछुआ गति से जारी है।जहां बाजार में पूरी नाली को ही खुला छोड़ दिया गया है।जिसमें प्रतिष्ठान संचालकों के साथ ही ग्राहक भी लगातार हादसों का शिकार हो रहे है।बावजूद इसके निगम प्रशासन इस कार्य को पूरा करने कोई भी गंभीरता दिखाता नहीं जान पड़ता।इस मार्ग में देर रात हादसों का खतरा बढ़ जाता है।स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि अधूरे निर्माण कार्य का सीधा असर उनके व्यवसाय पर पड़ रहा है। सड़क किनारे गड्ढे होने और कीचड़ जैसी स्थिति बनने से ग्राहक दुकानों तक पहुंचने में असहज महसूस कर रहे हैं। वहीं वाहन पार्किंग की समस्या भी गंभीर हो गई है।
लेट लतीफी पर कार्यवाही कब
बीते कुछ महीनों में निगम द्वारा निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले आधे दर्जन से अधिक ठेकेदारों पर ब्लैक लिस्टेड की कार्यवाही की गई।बावजूद इसके निर्माण कार्यों में इनका दिलचस्पी न दिखाना और निगम का कार्यवाही न करना इनके मध्य मजबूत संबंध को दर्शाता है।जहां लगातार हो रहे दुर्घटनाओं की संभावना के बावजूद निगम के जिम्मेदार अधिकारी जल्द कार्य पूरा कराने असफल साबित हुए है।
दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी किसकी
नगर निगम में ठेकेदारो की मनमानी कार्यप्रणाली का ही नतीजा है कि स्वीकृति के बाद भी शहर के वार्डो में कई कार्य वर्षों से अधूरे ही पड़े है।हालांकि इन पर निगम ने गाहे बगाहे कार्यवाही तो जरूर की।परन्तु इसका कोई सकारात्मक परिणाम निर्माण कार्यों में तेजी के रूप में सामने नहीं आ सका है।बहरहाल अधूरे पड़े कार्य की वजह से होने वाले गंभीर हादसों की जिम्मेदारी क्या निगम प्रशासन लेगा।या फिर महज कार्यवाही की औपचारिकता निभा ठेकेदार को ही अभयदान मिलेगा।
वर्शन/ वार्ड क्रमांक 17 में सड़क और नाली निर्माण कार्य में प्रतिष्ठान संचालकों को कुछ भाग डिस्मेंटल करने कहा गया था।जिसमें अधिक देरी हुई।ठेकेदार को जल्द कार्य पूरा करने निर्देशित किया जाएगा।
मुन्ना ओझा
सब इंजीनियर
नगर निगम




