25 दिन के नियम में फंसे गैस उपभोक्ता, डीएसबी नंबर के लिए 10 दिन तक इंतजार
बुकिंग की तारीख नहीं, डिलीवरी डेट से जोड़ा जा रहा समय; शहरी से ग्रामीण क्षेत्रों तक बढ़ी परेशानी
रायगढ़/ शहर से लेकर गांव तक एलपीजी गैस उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। पहले जहां गैस सिलेंडर की बुकिंग के 24 घंटे के भीतर ही उपभोक्ताओं को डीएसबी नंबर जारी हो जाता था और दूसरे-तीसरे दिन होम डिलीवरी के माध्यम से गैस पहुंच जाती थी, वहीं अब उपभोक्ताओं को डीएसबी नंबर मिलने में ही सप्ताहभर से लेकर 10 दिन तक का समय लग रहा है। इसके कारण गैस वितरण व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित नजर आ रही है।
जानकारों के अनुसार डीएसबी नंबर वह डिजिटल क्रमांक होता है, जो गैस बुकिंग के बाद उपभोक्ता को जारी किया जाता है। इसी नंबर के आधार पर सिलेंडर की सप्लाई प्रक्रिया आगे बढ़ती है और डिलीवरी की स्थिति ट्रैक की जाती है। पहले यह प्रक्रिया काफी तेज थी, लेकिन अब उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग के कई दिनों बाद तक डीएसबी नंबर जनरेट नहीं हो रहा, जिससे डिलीवरी में लगातार देरी हो रही है। लागू नई व्यवस्था के तहत शहरी क्षेत्रों में अगली गैस बुकिंग के लिए 25 दिन जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 35 से 45 दिनों तक रखी गई है। हालांकि उपभोक्ताओं का कहना है कि नियमों की आड़ में एजेंसियां लोगों को अतिरिक्त इंतजार करने पर मजबूर कर रही हैं। पहले जिस दिन गैस बुक होती थी, उसी दिन से अगली बुकिंग की गणना मानी जाती थी, लेकिन अब कई एजेंसियों में सिलेंडर डिलीवरी की तारीख से 25 दिन जोड़कर अगली बुकिंग स्वीकार की जा रही है।उदाहरण के तौर पर यदि किसी उपभोक्ता ने 1 मई को गैस बुक की और सिलेंडर 7 मई को मिला, तो अब अगली बुकिंग की गणना 7 मई से की जा रही है। ऐसे में उपभोक्ता को वास्तविक रूप से 30 से 35 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे हर महीने 5 से 10 दिनों का अतिरिक्त अंतर बढ़ रहा है। और सालभर में कई सिलेंडरों की खपत प्रभावित हो रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों का हाल बेहाल
ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर बताई जा रही है, जहां लोगों को समय पर गैस नहीं मिलने से लकड़ी और चूल्हे का सहारा लेना पड़ रहा है।नई व्यवस्था में OTP आधारित डिलीवरी सिस्टम भी लागू किया गया है। सिलेंडर डिलीवरी के समय उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाता है, जिसे बताने के बाद ही सिलेंडर सुपुर्द किया जाता है, परन्तु जब शहरी क्षेत्र में उपभोक्ता गैस एजेंसी संचालकों के द्वारा ठगे जा रहे हो तो ग्रामीण क्षेत्रों का अंदाजा लगाना भी सहज हो जाता है।
सरकार और तेल कंपनियों का दावा है कि इससे फर्जी डिलीवरी और गैस डायवर्जन पर रोक लगेगी, लेकिन उपभोक्ताओं का कहना है कि तकनीकी प्रक्रिया और वितरण में देरी से आम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
उपभोक्ताओं ने मांग की है कि डीएसबी नंबर तत्काल जारी करने की व्यवस्था फिर से लागू की जाए तथा गैस बुकिंग की गणना बुकिंग तिथि से ही की जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक प्रतीक्षा और परेशानी का सामना न करना पड़े।




