Sunday, July 12, 2026
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नगर निगम की जर्जर भवनों पर कार्रवाई फाइलों तक सीमित,

नगर निगम की जर्जर भवनों पर कार्रवाई फाइलों तक सीमित,
एक साल बाद भी नहीं टूटा एक भी खतरनाक मकान, क्या किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार?

रायगढ़/ हर वर्ष बारिश शुरू होने से पहले नगर निगम प्रशासन शहर में जर्जर और खस्ताहाल भवनों की पहचान कर उनकी सूची तैयार करता है, ताकि संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके। लेकिन रायगढ़ नगर निगम में यह प्रक्रिया महज कागजी कार्रवाई बनकर रह गई है।

गौरतलब हो कि वर्ष 2024-25 में निगम ने शहर के 20 जर्जर भवनों की सूची तैयार की थी, जिन्हें बारिश के पहले तोड़े जाने की योजना थी। इसके बावजूद आज तक अधिकांश भवन जस के तस खड़े हैं और किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं।जहां कमजोर और गरीब वर्ग के लोगों के अतिक्रमण हटाने में निगम पूरी सक्रियता दिखाता है, वहीं वर्षों से जर्जर हो चुके भवनों पर कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस जारी करने की बात कही जाती है। सवाल यह है कि आखिर निगम किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहा है?बारिश का मौसम शुरू हो चुका है, लेकिन वर्ष 2025-26 के लिए नगर निगम अब तक जर्जर भवनों की नई सूची भी तैयार नहीं कर पाया है। ऐसे में पिछले वर्ष की सूची ही कार्रवाई का आधार बनी हुई है। निगम के जिम्मेदार अधिकारी भवन स्वामियों को नोटिस भेजने की बात तो कर रहे हैं, लेकिन यदि पिछले वर्ष भी नोटिस जारी किए गए थे तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
शहर के कई जर्जर भवन आज भी उसी स्थिति में खड़े हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि नोटिस के बाद आगे की प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई।2024-25 में चिन्हित 20 जर्जर भवन आज तक क्यों नहीं हटाए गए?यदि नोटिस जारी किए गए थे तो उसके बाद कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
वर्ष 2025-26 की नई सूची अब तक क्यों तैयार नहीं हो सकी?क्या निगम किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा?

क्या किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार?

बारिश के दौरान पुराने भवनों की दीवारें और छतें कमजोर हो जाती हैं। ऐसे भवनों के आसपास आम लोगों, दुकानदारों और राहगीरों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। यदि कोई भवन अचानक भरभराकर गिर जाए तो जनहानि की पूरी आशंका बनी रहती है।शहरवासियों का कहना है कि निगम प्रशासन हादसे के बाद सक्रिय होने के बजाय पहले ही कार्रवाई करे, ताकि किसी की जान जोखिम में न पड़े।

जनहित का सवाल
नगर निगम की जिम्मेदारी केवल सूची तैयार करने या नोटिस जारी करने तक सीमित नहीं है। यदि भवन वास्तव में जर्जर और खतरनाक हैं तो उन्हें नियमानुसार हटाना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। बारिश के इस मौसम में इन भवनों के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में शहरवासियों की निगाहें अब निगम प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।


वर्शन/ निगम क्षेत्र अंतर्गत शामिल जर्जर भवनों की सूची तैयार की जा रही है।साथ ही ऐसे भवनों के मालिकों को नोटिस भी भेजा जाएगा।
हरिकेश्वर लकड़ा
राजस्व अधिकारी
नगर निगम

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