स्मार्ट सिटी की तर्ज पर ढिमरापुर से जिंदल तक बिजली तारो का मक्कड़जाल हटाने की कवायद, सब सही रहा तो होगा अंडर ग्राउंड, सड़क के डिवाइडर तथा दोनों ओर से हटेंगे तार और ट्रांसफार्मर
रायगढ़। शहर की प्रमुख सड़कों से तारों का झुरमुट खत्म करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है।
रायगढ़ को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने तारों के जंजाल को अंडरग्राउंड या दोनों छोर पर सुव्यवस्थित करने की कवायद की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभाग जिला प्रशासन के निर्देश पर प्रस्ताव भी बनाने में जुट गया है। पहले चरण में ढिमरापुर से जिंदल मार्ग तक को रखा गया है।
शहर को आधुनिकता के साथ विकास में गति तेजी लाने का कार्य किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी की तर्ज विकसित करने के लिए सीएम विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में एवं रायगढ़ विधायक वित्त मंत्री ओपी चौधरी के दिशा निर्देश पर जिला प्रशासन स्मार्ट सिटी के तर्ज पर विकसित करने के लिए कदम बढ़ा दी है। इसके साथ कई विकास कार्यों की रूपरेखा बनाकर कार्य किया जा रहा है। इस क्रम में एक कदम और आगे बढ़ते हुए शहर को पायलट प्रोजेक्ट के तौर ढिमरापुर से जिंदल तक दोनों छोर के सड़कों पर फैले मक्कडजाल को व्यवस्थित करने के लिए कमर कस लिया गया है। इसके तहत सड़क के दोनों और बिजली के खंबो में लगे तारो अंडर ग्राउंड करने की कवायद का प्रस्ताव बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अगर समुचित भूमि उपलब्ध होती है तो यह कार्य को प्रथम चरण में पूर्ण किया जाएगा तथा दूसरी ओर इस पर अड़चन आने पर अंडर के बजाए दोनों छोर में जिग जाग यानी क्रास तारो को हटाया जाएगा। जिला स्तरीय आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इस कार्य को होली के बाद अमलीजामा पहनाया जा सकता है। वहीं इसके पूर्ण होते ही इसी तर्ज पर शहर के अन्य सड़कों का भी कायाकल्प करने की योजना है। जिसे चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। बहरहाल इस योजना और तारों के जाल सड़को से हटते ही शहर की सुदंरता तो बढ़ेगी साथ ही विकसित रायगढ़ की दिशा में यह सुनहरा कदम भी होगा।
डिवाइडर से हटेंगे खंबे सड़क किनारे से व्यवस्थित
देखा जाए तो ढिमरापुर से लेकर जिंदल तक बीच सड़क में ही कई जगह में खंभे और कुछ स्थानों में ट्रांसफार्मर भी है।इसके अलावा इन मार्ग में सड़कों का जाल एक छोर से दूसरे छोर में झाड़ जुरमुट- मकड़जाल की तरह नजर आता है । कई बार यह शार्ट सर्किट होकर आग की घटना तक को भी उत्पन्न कर लेता है, यही वजह है कि इस पर प्रपोजल बनाया जा रहा है।
राजधानी के बाद रायगढ़ हो सकता है दूसरा जिला
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर शहर में अंडरग्राउंड केबलिंग का प्रोजेक्ट करीब तीन साल पहले शुरू किया गया था। इसमे प्रस्तावित सभी मार्ग पर केबल डाला गया है, केवल तकनीकी कार्य शेष है। इस तरह अब औद्योगिक शहर रायगढ राजधानी के बाद दूसरा शहर बनने की दिशा में बढ़ रहा है। यहां यह भी बताएं लाजमी होगा कि शहर को व्यवस्थित करने के लिए 6 सड़कों का चौड़ीकरण, आवागमन सुविधा के लिए पुल-पुलिया और शहर के अंदर भारी वाहनों को रोकने के लिए रिंग रोड तक प्रस्तावित है जिसका कार्य भी आरंभ हो चुका है।




