Friday, May 15, 2026
Google search engine
HomeBlogमहतारी वंदन योजना में घटे 85 हजार हितग्राही, ई-केवाईसी के लिए भटक...

महतारी वंदन योजना में घटे 85 हजार हितग्राही, ई-केवाईसी के लिए भटक रहीं महिलाएं

महतारी वंदन योजना में घटे 85 हजार हितग्राही, ई-केवाईसी के लिए भटक रहीं महिलाएं

रायगढ़ जिले में 3 लाख आवेदनों में केवल 2 लाख 22 हजार महिलाओं को मिल रहा लाभ, निजी आवेदनकर्ताओं की बढ़ी परेशानी

रायगढ़/ जिले में महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई महतारी वंदन योजना में हितग्राही ई-केवाईसी और सत्यापन प्रक्रिया को भटक रहे है। जिलेभर में योजना के लिए कुल 3 लाख 7 हजार 521 आवेदन प्राप्त हुए थे, लेकिन वर्तमान में केवल 2 लाख 22 हजार 593 हितग्राहियों को ही योजना का लाभ मिल पा रहा है। यानी लगभग 85 हजार से अधिक आवेदनकर्ता विभिन्न कारणों से लाभ से बाहर हो चुके हैं या प्रक्रिया में अटके हुए हैं।

गौरतलब हो कि योजना का शुभारंभ मार्च 2024 में शुरू की गई थी और विभागीय स्तर पर इसकी प्रक्रिया जुलाई अंत तक जारी रहने की बात कही जा रही है। हालांकि लगातार घटते हितग्राहियों के आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि जमीनी स्तर पर कई खामियां अब सामने आने लगी हैं।जानकारी के अनुसार सत्यापन और ई-केवाईसी के दौरान कई आवेदन निरस्त हो रहे हैं। इनमें हितग्राही की मृत्यु, नाम हटना, सरकारी नौकरी लगना अथवा पात्रता में बदलाव जैसी स्थितियां शामिल हैं। लेकिन सबसे अधिक परेशानी उन महिलाओं को उठानी पड़ रही है जिन्होंने योजना में निजी तौर पर आवेदन किया था।हालांकि महिला बाल विकास विभाग सोफ्टवेयर में सुधार के दावे कर रहा है।परन्तु इसका कोई व्यापक असर हितग्राहियों के पेंडिंग आंकड़ों पर नजर नहीं आ रहा है। महिलाओं को ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए पहले अपने वार्ड की आंगनबाड़ी केंद्र में आवेदन देना पड़ रहा है। वहां से उन्हें एमबीआईआईडी उपलब्ध कराया जाता है, जिसके आधार पर लोक सेवा केंद्र में जाकर ई-केवाईसी करानी होती है।

ग्रामीण क्षेत्रों के हितग्राही परेशान

ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए यह व्यवस्था और भी कठिन साबित हो रही है। कई महिलाओं को जिला मुख्यालय अथवा परियोजना कार्यालय तक पहुंचना पड़ रहा है। परिवहन सुविधा और जानकारी के अभाव में उन्हें आर्थिक एवं मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई मामलों में दस्तावेजों की त्रुटि, मोबाइल नंबर लिंक नहीं होना अथवा पोर्टल में नाम नहीं मिलने जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं।महिलाओं का कहना है कि योजना का लाभ पाने के लिए प्रक्रिया को सरल बनाया जाना चाहिए था, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

वर्शन/ पूर्व में हितग्राहियों के नाम मिलान को लेकर परेशानी हो रही थी ।जिसे सुधार लिया गया है।निजी तौर पर आवेदन करने वाले उपभोक्ताओं को ई के वाय सी में दिक्कत हो रही है।
एल आर कच्छप
महिला बाल विकास अधिकारी

spot_img
spot_img

JANKARM DAILY EPAPER

Recent Artical