Friday, May 15, 2026
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5 हजार लीटर से 8 हजार लीटर पहुंची बिक्री, कई पेट्रोल पंपों पर नोजल ड्राई

5 हजार लीटर से 8 हजार लीटर पहुंची बिक्री, कई पेट्रोल पंपों पर नोजल ड्राई

वाहनों की टंकी फुल करवाने उपभोक्ताओं में होड़, आपूर्ति व्यवस्था पर बढ़ा दबाव

रायगढ़/ सोशल मीडिया में जहां लोग भ्रामक जानकारियों के मद्देनजर पेट्रोल पंपों में आवश्यकता से अधिक डीजल भरवा रहे है।जिसका अतिरिक्त दबाव पेट्रोल पंपों पर देखने को मिल रहा है।जहां न केवल ग्राहकों की लंबी कतार लगी है।बल्कि पंपों में भी नोजल ड्राई नजर आ रहे है।शहर के सरकारी पेट्रोल पंप की बात करे तो जहां एक माह पूर्व तक रोजाना 5 हजार लीटर डीजल और पेट्रोल की बिक्री होती थी।वर्तमान में वही बिक्री 8 हजार लीटर तक जा पहुंचा है।

गौरतलब हो कि इन दिनों शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। सोशल मीडिया पर ईंधन संकट को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों के कारण लोग जरूरत से ज्यादा मात्रा में पेट्रोल-डीजल खरीदकर वाहनों की टंकियां फुल करा रहे हैं। कई उपभोक्ता अतिरिक्त भंडारण के लिए भी ईंधन लेने पहुंच रहे हैं, जिससे पेट्रोल पंपों पर अचानक दबाव बढ़ गया है। इसका असर यह है कि कई पंपों पर नोजल ड्राई होने की स्थिति निर्मित है ।जानकारी के अनुसार, इस स्थिति के पीछे तेल डिपो से पेट्रोल-डीजल लेकर आने वाले टैंकरों की लेटलतीफी भी एक बड़ा कारण बताई जा रही है। समय पर आपूर्ति नहीं पहुंचने से कई पंपों पर स्टॉक प्रभावित हुआ है। हालांकि तेल कंपनियों ने हालात को नियंत्रित करने के लिए डीजल बिक्री की एक निर्धारित सीमा तय कर दी है, ताकि अनावश्यक जमाखोरी पर रोक लगाई जा सके।इसके साथ ही अवैध भंडारण और कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए डिब्बों व कंटेनरों में पेट्रोल-डीजल देने पर भी रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। परन्तु हैरानी की बात यह है कि तेल कंपनियों के इन निर्देशों की धज्जियां सरकारी पेट्रोल पंपो पर ही उड़ती नजर आ रही हैं। यहां उपभोक्ताओं को खुलेआम बड़े गैलनों में डीजल देकर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।

तेल कम्पनियों से अग्रिम टैंकरों की सुविधा खत्म

मिली जानकारी के मुताबिक पेट्रोल डीजल के लिए मची उथल पुथल का कारण तेल कम्पनियों द्वारा डी ओ डी सुविधा में कमी करने को भी माना जा सकता है।बताया जा रहा है कि पूर्व में जहां तीन तेल टैंकरों के भुगतान को लेकर तीन से चार दिन का समय सरकारी पंपों को दिया जाता था।वही अब इसे एक टैंकर तक ही सीमित कर दिया गया है।जिसके भुगतान उपरांत ही अगला आर्डर दिया जा सकता है।

बाईपास में डीजल तो शहर के पंपों में पेट्रोल की मारामारी

औद्योगिक जिला होने के परिणाम स्वरूप यहां डीजल की अधिक मांग बाई पास के पेट्रोल पंपों में देखने को मिल रही है।मिली जानकारी के अनुसार जिंदल मार्ग स्थित रिलायंस पेट्रोल पम्प में जहां महीने भर पहले 13 हजार लीटर डीजल और पेट्रोल की बिक्री रोजाना हो रही थी।वही अब यह आंकड़ा 15 हजार लीटर तक जा पहुंचा है।इसमें महज 3 हजार लीटर पेट्रोल बिक्री है।तो वही शहर के पंपों में पेट्रोल की अधिक मांग है।जहां खपत 5 हजार लीटर से बढ़कर 8 हजार लीटर तक जा पहुंची है।

वर्शन/उपभोक्ताओं को पेट्रोल डीजल के लिए पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है।आपूर्ति मांग के अनुरु लगातार की जा रही है।सोशल मीडिया की भ्रामक जानकारी की वजह से लोग आवश्यकता से अधिक तेल भरवा रहे है।

बाबू भाई श्रीवास
मुख्य कार्यपालन अधिकारी
अंत्यावसायी विभाग

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