Thursday, April 30, 2026
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10 मिनट की आंधी ने बिजली विभाग के करोड़ो रुपए के मेंटेनेंस की खोली पोल

10 मिनट की आंधी ने बिजली विभाग के करोड़ो रुपए के मेंटेनेंस की खोली पोल, सोशल मीडिया में लोगों ने निकाली भड़ास

6 घंटे बिजली गुल, 1 हजार कंप्लेन, पेयजल व्यवस्था रही बाधित, रातभर में शिकायतों का लगा अम्बार

रायगढ़/ बीते मंगलवार की रात 8 बजे दस मिनट के आंधी तूफान और बारिश ने बिजली विभाग के सालाना करोडो रुपये के मेंटेनेंस की पोल खोल कर रख दी।जहां पूरे शहर की बिजली लगभग 6 घंटे तक गुल रही।वही बिजली विभाग का शिकायती नम्बर भी लोगों के किसी काम नहीं आया।विभागीय दफ्तर के बाहर बड़ी संख्या में उपभोक्ता शिकायत लेकर पहुंचे ।लोग गर्मी और उमस से परेशान सोशल मीडिया में बिजली विभाग और ट्रिपल इंजन सरकार के खिलाफ पोस्ट कर अपना गुस्सा जाहिर करते नजर आये।बावजूद इसके दूसरे दिन भी कई मोहल्लों में बिजली व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी थी।

गौरतलब हो कि विद्युत विभाग सालभर मेंटेनेंस के नाम पर घंटे दो घंटे की बिजली गुल कर विद्युत व्यवस्था में सुधार के दावे करता है।जिसमें करोड़ों रुपए की राशि भी खर्च की जाती है।जिस से उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में बेहतर सुविधा की उम्मीद होती है।परन्तु विद्युत विभाग की लचर व्यवस्था के कारण ही वह लोगों की उम्मीदों पर कभी खरा नहीं उतर पाया है।ऐसा ही नजारा मंगलवार को भी दस मिनट चली आंधी तूफान के बाद कुछ क्षण की हुई बारिश में देखने को मिला।जहां थोड़ी देर में बारिश तो बंद हो गई।परन्तु समूचा शहर अंधेरे में डूब गया।जिसे पूरा सुधार करने दूसरे दिन भी पूरी तरह कामयाबी नहीं मिल सकी थी।लोग आधी रात तक जहां गर्मी और उमस से परेशान रहे।वही मच्छरों का भी प्रकोप देखने को मिला।यही नहीं दूसरे दिन शहर की लगभग 70 प्रतिशत पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित रही। मेंटेन्स विभाग में कर्मचारियों को माना जा सकता है।मिली जानकारी के मुताबिक सारे शहर में बिजली सुधार का काम महज एक सिंगल और एक डी ओ फेस एवं एक केबल मेंटेनेंस टीम के भरोसे चल रहा है।जिन पर पूरे शहर की बिजली गुल होने की स्थिति में भार बढ़ जाता है।बहरहाल एक बार फिर बिजली विभाग के मेंटेनेंस के दावे गलत साबित हुए।जिस से उपभोक्ताओं में खासी नाराजगी देखने को मिल रही है।

70 प्रतिशत पेयजल आपूर्ति हुई बाधित

विद्युत कटौती का असर केवल गर्मी और उमस तक ही सीमित नहीं रहता।इसका प्रभाव पेयजल आपूर्ति में भी देखने को मिला।शहर में पेयजल की सप्लाई अलग अलग वार्डो में निर्मित 11 टंकियों के माध्यम से की जाती है।जिन्हें भरने देर रात से ही पंप चलाना पड़ता है।परन्तु मंगलवार रात को 6 घंटे से भी अधिक समय तक हुई बिजली गुल से टंकियों तक पानी ही नहीं पहुंच सका।बताया जा रहा है कि जैसे तैसे 5 टंकियों तक पेयजल की आधी अधूरी व्यवसथा हो सकी। जिसका खामियाजा दूसरे दिन पानी की किल्लत के रूप में लोगों को उठाना पड़ा।हालांकि इस विषम परिस्थिति में निगम के सबमर्सिबल पंपों ने संजीवनी का काम किया।

रातभर में शिकायतों का लगा अम्बार

बिजली गुल होने के दौरान रात 8 बजे से दूसरे सुबह की बात करे तो जहां 220 ऑफ लाइन शिकायतें उपभोक्ताओं की लिखी गई।तो वही दूसरी और
7 सौ से अधिक ऑन लाइन शिकायतें दर्ज की गई।जिसे पूरा सुधारने दूसरे दिन भी बिजली विभाग का मेंटेनेंस दल अलग अलग वार्डो में पसीना बहाता रहा।

सोशल मीडिया में लोगों ने निकाली भड़ास

एक और जहां बिजली गुल होने पर विद्युत दफ्तर के बाहर शिकायत करने लोगों का हुजूम देखने को मिला तो वही कई उपभोक्ताओं के फोन तक नहीं उठाए गए।नतीजन सोशल मीडिया पर विद्युत विभाग और ट्रिपल इंजन सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर पोस्ट डालते हुए लोगों ने जमकर अपनी भड़ास निकाली

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