अमृत मिशन की सुस्त रफ्तार का खामियाजा, 16 टैंकरों के भरोसे चल रही शहर की पेयजल व्यवस्था
डेढ़ दर्जन से अधिक मोहल्ले में टैंकरों से चल रही पेयजल सप्लाई, अमृत मिशन फेल
रायगढ़,/ शासन की महत्वाकांक्षी अमृत मिशन योजना की धीमी गति और शहर में लगातार गिरते भूजल स्तर का असर अब पेयजल व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। हालात ऐसे हैं कि नगर निगम क्षेत्र के कई वार्डों और मोहल्लों में नियमित जलापूर्ति प्रभावित होने के कारण निगम के 16 टैंकरों के भरोसे पानी की सप्लाई व्यवस्था संचालित की जा रही है। प्रतिदिन डेढ़ दर्जन से अधिक मोहल्लों में टैंकर भेजकर लोगों की प्यास बुझाने की कोशिश की जा रही है।
गौरतलब हो कि नगर निगम के पास वर्तमान में कुल 16 पानी टैंकर उपलब्ध हैं। इनमें प्रायः टैंकरों की क्षमता लगभग 3 हजार लीटर है। एक टैंकर को किसी वार्ड में भेजने के बाद पानी खत्म होने तक दूसरे वार्ड में भेजना संभव नहीं हो पाता है। जिसके कारण कई स्थानों पर लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।शहर में बढ़ती गर्मी और बोर पंपों के लगातार फेल होने से संकट और गहरा गया है। निगम से प्रतिदिन नए क्षेत्रों से पानी के लिए टैंकरों की मांग हो रही है। ऐसे में वाहन विभाग पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। एक ओर टैंकरों की सीमित संख्या और दूसरी ओर बढ़ती मांग के कारण जलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना चुनौती बनता जा रहा है।बढ़ती गर्मी और पानी की मांग के कारण निगम के उपलब्ध 16 टैंकर भी कम पड़ते नजर आ रहे हैं, जिससे कई मोहल्लों के रहवासियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। निगम प्रशासन का कहना है कि शिकायतों और आवश्यकता के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर टैंकर भेजे जा रहे हैं, ताकि किसी भी मोहल्ले में पेयजल संकट गंभीर रूप न ले
शहर के इन मोहल्लों में टैंकरों के भरोसे बुझ रही प्यास
शहर में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। जलस्तर गिरने और कई बोर पंपों के बंद पड़ जाने के कारण नगर निगम को रोजाना टैंकरों के माध्यम से पानी सप्लाई करना पड़ रहा है। निगम के रिकॉर्ड के अनुसार वर्तमान में राजीव गांधी नगर, दरोगा पारा,, सोनकर पारा,बैकुंठपुर,दीनदयाल कालोनी,सहदेवपाली, उर्दना,नयापारा,डिग्री कॉलेज मार्ग,गांधी नगर,जोगी डीपा पूछा पारा सहित डेढ़ दर्जन से अधिक मोहल्लों में नियमित रूप से टैंकर भेजे जा रहे हैं। कई स्थानों पर स्थिति ऐसी है कि लोगों की दैनिक जरूरतें पूरी करने के लिए एक से अधिक बार टैंकर भेजने की आवश्यकता पड़ रही है।
अमृत मिशन फेल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अमृत मिशन के तहत स्थायी पेयजल व्यवस्था का लाभ अब तक पूरी तरह नहीं मिल पाया है। बताया जा रहा है कि बमुश्किल आधे घंटे भी अमृत मिशन का पानी उपलब्ध नहीं हो पाता है। यदि जल्द ही जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में शहर के और भी मोहल्ले टैंकरों पर निर्भर हो सकते हैं। वहीं निगम प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर पानी पहुंचाया जा रहा है और शिकायत मिलते ही टैंकर भेजने की व्यवस्था की जा रही है।




