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82 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कोतरा रोड आरओबी कि कीचड़ और मलबा से सड़क की उपयोगी चौड़ाई हो रही प्रभावित

कीचड़ व मलवे से कम हो गई 82 करोड़ के लागत से बनी कोतरा रोड आरओबी की चौड़ाई

हैंडओवर के बाद सफाई और रखरखाव नहीं कर रहा नगर निगम, पुल के दोनों किनारों पर जमा मिट्टी-कीचड़ से दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी


रायगढ़। शहर को सुगम और सुरक्षित यातायात सुविधा देने के उद्देश्य से करीब 82 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कोतरा रोड ओवरब्रिज (आरओबी) अब रखरखाव के अभाव में अव्यवस्था का शिकार होता दिखाई दे रहा है। बारिश के मौसम में पुल और उसके आसपास की सड़क के किनारों पर कीचड़, मिट्टी और मलबा जमा होने से सड़क की उपयोगी चौड़ाई कम हो गई है। इसके चलते वाहन चालकों, विशेषकर दोपहिया चालकों के लिए हादसे का खतरा बढ़ गया है।
दोनों लेन के किनारों पर जमा हो रही मिट्टी और मलबा
पुल की दोनों लेन के किनारों पर बारिश के साथ मिट्टी और मलबे की मोटी परत जम गई है। कई स्थानों पर यह कीचड़ में बदल गई है। भारी वाहनों के गुजरने से यह सामग्री सड़क पर फैलती जा रही है। वहीं वाहनों के पहियों से सूखी मिट्टी धूल बनकर हवा में उड़ती है, जिससे आसपास से गुजरने वाले वाहन चालकों को भी परेशानी हो रही है।
सड़क की चौड़ाई हो रही प्रभावित
कोतरा रोड ओवरब्रिज पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। सड़क के किनारों पर लगातार जमा हो रहे कीचड़ और मलबे के कारण सड़क की वास्तविक उपयोगी चौड़ाई कम होती जा रही है। ऐसे में वाहनों को अपेक्षाकृत सीमित स्थान से गुजरना पड़ रहा है।
फिसलन से दोपहिया चालकों के लिए ज्यादा खतरा
पुल पर जमा कीचड़ और मलबा दोपहिया वाहन चालकों के लिए विशेष रूप से खतरनाक साबित हो सकता है। सड़क के किनारे जमा गीली मिट्टी पर फिसलन की स्थिति बन रही है। लगातार यातायात के बीच अचानक संतुलन बिगड़ने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के बीच ऐसी स्थिति और गंभीर हो जाती है।
पैदल राहगीरों के लिए भी परेशानी
आरओबी के आसपास सड़क किनारे पैदल चलने वालों के लिए भी पर्याप्त साफ और सुरक्षित स्थान नहीं बचा है। जहां पैदल चलने के लिए जगह उपलब्ध है, वहां भी कई स्थानों पर गंदगी और कीचड़ जमा है। इसके कारण लोगों को मुख्य सड़क के नजदीक से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे पैदल राहगीरों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है।
हैंडओवर के बाद रखरखाव पर उठे सवाल
आरओबी के सेतु विभाग से हैंडओवर का विवाद भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन अब पुल की साफ-सफाई और नियमित रखरखाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह अपेक्षा की जा रही है कि जिस तरह शहर के वार्डों में सफाई व्यवस्था की जाती है, उसी तरह महत्वपूर्ण सार्वजनिक यातायात मार्गों और आरओबी की भी नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए।
बारिश में स्थिति और गंभीर
वर्तमान में बारिश के कारण पुल के किनारों पर पानी, कीचड़ और मलबा जमा हो रहा है। बारिश के दौरान यह गंदगी और फैल जाती है तथा वाहनों की आवाजाही के साथ सड़क के दूसरे हिस्सों तक पहुंचती है। यदि समय रहते सफाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और अधिक खराब हो सकती है।
नगर निगम से नियमित सफाई की मांग
शहर के इस महत्वपूर्ण मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। ऐसे में आरओबी की नियमित सफाई, किनारों पर जमा मिट्टी-मलबे को हटाने और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की जरूरत है। सड़क की साफ-सफाई केवल सौंदर्य का विषय नहीं, बल्कि सीधे तौर पर यातायात सुरक्षा से जुड़ा मामला है। नगर निगम और संबंधित विभाग से इस दिशा में तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा है।

एक नजर में:
करीब 82 करोड़ रुपये की लागत से तैयार कोतरा रोड आरओबी
बारिश के बाद किनारों पर जमा हो रहा कीचड़ और मलबा
सड़क की उपयोगी चौड़ाई हो रही प्रभावित
फिसलन से दोपहिया वाहन चालकों पर हादसे का खतरा
पैदल राहगीरों को भी मुख्य सड़क के किनारे चलने की मजबूरी
नियमित सफाई और रखरखाव की जरूरत

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