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संकरे रिहायशी मार्ग में भारी वाहनों की आवाजाही से लोग परेशान,

संकरे रिहायशी मार्ग में भारी वाहनों की आवाजाही से लोग परेशान, आपत्ति जताने पर हुआ विवाद


ठेकेदार और ड्राईवर पर गाली गलौच और हुज्जतबाजी का आरोप



रायगढ़/ अतरमुड़ा क्षेत्र के रिहायशी इलाके में निर्माणाधीन कन्या छात्रावास के लिए निर्माण सामग्री के परिवहन में भारी वाहनों के उपयोग को लेकर विवाद की स्थिति सामने आई है। संकरे रिहायशी मार्ग से बड़े वाहनों की लगातार आवाजाही से स्थानीय रहवासियों को आवागमन में परेशानी के साथ ही सड़क किनारे खड़े वाहनों और राहगीरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। इसी बीच भारी वाहन के प्रवेश को लेकर आपत्ति जताने पर एक दंपत्ति और वाहन चालक व ठेकेदार के बीच विवाद होने की बात सामने आई है।

गौरतलब हो कि अतरमुड़ा क्षेत्र में सरकारी निर्माण के तहत कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। निर्माण कार्य के लिए आवश्यक सामग्री के परिवहन में भारी वाहनों का उपयोग किया जा रहा है। बताया जाता है कि इन वाहनों की आवाजाही के लिए जिस मार्ग का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह रिहायशी क्षेत्र से होकर गुजरने वाला अपेक्षाकृत संकरा रास्ता है।बड़े वाहनों के प्रवेश और निकासी के दौरान सड़क पर आवागमन प्रभावित होने के साथ ही आसपास रहने वाले लोगों को अपने दोपहिया व चारपहिया वाहन निकालने तथा पार्क करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रहवासियों का कहना है कि निर्माण सामग्री के परिवहन के लिए छोटे अथवा अपेक्षाकृत कम क्षमता वाले वाहनों का उपयोग किया जाए तो संकरे मार्ग पर होने वाली परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
आपत्ति जताने पर दंपत्ति से विवाद का आरोप
इसी क्रम में हाल ही में भारी वाहन की आवाजाही को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया कि शहर के चिकित्सक डॉ. शलभ अग्रवाल के बड़े भाई सुमित अग्रवाल और उनकी धर्मपत्नी ने संकरे मार्ग में भारी वाहन के प्रवेश को लेकर आपत्ति जताई। इसी बात को लेकर वाहन चालक और ठेकेदार के साथ उनका विवाद हो गया।पीड़ित पक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि विवाद के दौरान उनके साथ गाली-गलौज एवं अभद्र व्यवहार किया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद होमगार्ड के कर्मियों के मौके पर पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मौके पर विवाद शांत कराने के दौरान उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिला।

शिकायत के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति

मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत किए जाने की बात कही जा रही है। शिकायत और दोनों पक्षों के कथनों के आधार पर ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति तथा विवाद के लिए जिम्मेदारी तय हो सकेगी। फिलहाल मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।रहवासियों के अनुसार अतरमुड़ा के इसी मार्ग से आगे दो कॉलोनियों का निर्माण भी हो चुका है। पूर्व में भी निर्माण कार्यों के दौरान भारी वाहनों तथा निर्माण सामग्री के परिवहन के चलते क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा था।

सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवाल

ताजा विवाद के बाद अब सवाल यह भी उठ रहा है कि रिहायशी और संकरे मार्ग से सरकारी निर्माण के लिए भारी वाहनों की आवाजाही किन परिस्थितियों में कराई जा रही है और इस दौरान स्थानीय रहवासियों की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कन्या छात्रावास जैसे सार्वजनिक उपयोग के निर्माण कार्य में सामग्री परिवहन आवश्यक है, लेकिन रहवासियों की सुविधा और सुरक्षा को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग शिकायत और स्थल की स्थिति की जांच के बाद इस दिशा में क्या व्यवस्था करता है।

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