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चक्रपथ-कलेक्ट्रेट मार्ग बना खुले में शराबखोरी का अड्डा, चित्रकारी के बीच छलक रहे जाम

चक्रपथ-कलेक्ट्रेट मार्ग बना खुले में शराबखोरी का अड्डा, चित्रकारी के बीच छलक रहे जाम


शराब दुकान से खरीदारी के बाद सड़क किनारे ही महफिल, रोज गुजरते हैं हजारों लोग; महिलाओं-बच्चों की सुरक्षा पर सवाल, महिलाओं और बच्चों की आवाजाही, फिर भी निगरानी का अभाव

रायगढ़/ शहर के प्रमुख आवागमन मार्गों में शामिल चक्रपथ-कलेक्ट्रेट मार्ग इन दिनों खुले में शराबखोरी को लेकर चर्चा में है। सड़क किनारे स्थित शराब दुकान से मदिरा खरीदने के बाद कुछ लोग आसपास ही बैठकर बेखौफ शराब का सेवन करते नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि जिस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में आम नागरिक, महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और अधिकारी गुजरते हैं, उसी सार्वजनिक मार्ग के किनारे शराबखोरी का यह सिलसिला चल रहा है।

गौरतलब हो कि चक्रपथ-कलेक्ट्रेट मार्ग नगर निगम की ओर से सौंदर्यीकरण और चित्रकारी के कारण भी शहर के आकर्षण वाले मार्गों में शामिल है। लेकिन सड़क किनारे बैठकर शराब पीने वालों की मौजूदगी इस पूरे प्रयास पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब दुकान से खरीदारी के बाद खुले में सेवन करने वालों पर प्रभावी निगरानी नहीं होने के कारण स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होती जा रही है। शराब दुकान के आसपास कई बार लोगों को शराब की बोतल और अन्य सामान के साथ सड़क किनारे बैठकर शराब का सेवन करते देखा जा सकता है। सार्वजनिक स्थान पर इस तरह शराबखोरी होने से राहगीरों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। शाम के समय यह समस्या और अधिक दिखाई देने की बात स्थानीय लोगों द्वारा कही जा रही है।सबसे बड़ी चिंता यह है कि चक्रपथ-कलेक्ट्रेट मार्ग कोई सुनसान इलाका नहीं है। यह शहर के महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है और दिनभर यहां वाहनों तथा पैदल राहगीरों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में सड़क किनारे खुलेआम शराबखोरी कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक मर्यादा दोनों के लिहाज से गंभीर सवाल खड़े करती है। मुख्य मार्ग पर खुले में शराबखोरी को सामान्य स्थिति बनने देना भविष्य में बड़ी कानून-व्यवस्था की समस्या का कारण बन सकता है।
अब देखना यह है कि चक्रपथ-कलेक्ट्रेट मार्ग पर खुले में शराबखोरी की शिकायतों को लेकर पुलिस और आबकारी विभाग कब संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हैं और आम नागरिकों को इस समस्या से कब राहत मिलती है।

महिलाओं और बच्चों की आवाजाही, फिर भी निगरानी का अभाव

मार्ग से रोजाना अपने गंतव्य की ओर जाने वाले लोगों में महिलाएं, स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और नौकरीपेशा लोग भी शामिल हैं। ऐसे में शराब के नशे में बैठे लोगों के बीच से गुजरना कई लोगों के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है। स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि यदि शराब दुकान के आसपास इस तरह खुले में शराब पीना लगातार जारी है तो संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था आखिर कहां है?

नगर निगम की चित्रकारी के बीच बिगड़ रही सार्वजनिक छवि
चक्रपथ और कलेक्ट्रेट मार्ग को शहर के प्रमुख हिस्सों में गिना जाता है। नगर निगम ने इस क्षेत्र में सौंदर्यीकरण और चित्रकारी के माध्यम से शहर की छवि बेहतर बनाने का प्रयास किया है। उपलब्ध नगर निगम दस्तावेजों में चक्रपथ मरीन ड्राइव, कलेक्ट्रेट रोड सहित इस क्षेत्र को सड़क संबंधी जोन में शामिल किया गया है।लेकिन यदि इसी मार्ग पर खुले में शराबखोरी होती रहे तो सौंदर्यीकरण का उद्देश्य भी प्रभावित होता है। शहर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाने के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों पर नागरिकों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है।

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