Friday, August 21, 2026
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देश की 22 प्रतिशत यादव आबादी का बंटवारा मंजूर नहीं- यादव महासभा

देश की 22 प्रतिशत यादव आबादी का बंटवारा मंजूर नहीं- यादव महासभा

700 उपजातियां एक नाम ‘यादव’ में हों शामिल, जाति जनगणना को लेकर महासभा ने उठाई आवाज

रायगढ़। छत्तीसगढ़ यादव महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को रायगढ़ कलेक्टर से मुलाकात कर आगामी जाति जनगणना में यादव समाज की विभिन्न उपजातियों को अलग अलग दर्ज करने के बजाय जाति कॉलम में केवल यादव दर्ज किए जाने की मांग की।

महासभा के अनुसार देशभर में स्थानीय उपनामों के कारण यादव समाज को सरकारी अभिलेखों में अलग अलग नामों से दर्ज किया जाता है। महासभा का दावा है कि वर्ष 1931 की जाति जनगणना के आधार पर इन सभी उपजातियों की संयुक्त आबादी देश की कुल जनसंख्या का 21.8 प्रतिशत थी। 1931 की जाति जनगणना में अंग्रेजों ने साजिश कर यादव जाति का बंटवारा कर दिया लेकिन अब नहीं होने देंगे। महासभा ने महाअभियान चलाया है जिसमें लोगों को जागरूक भी करेंगे व केंद्र सरकार व जनगणना आयुक्त से अनुरोध कर सभी उप जातियों को यादव में क्लब करवायेंगे। महासभा ने बताया कि वर्ष 2027 से प्रस्तावित जाति जनगण्ना को लेकर अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा पहले भी 1 जुलाई को दिल्ली में महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त से मिलकर यह मांग उठा चुकी है। महासभा की मांग है कि यादव समाज की सभी 700 उपजातियों को एकीकृत कर यादव श्रेणी में शामिल किया जाए तथा जनगणना प्रगणकों को निर्देश दिए जाएं कि यदि कोई व्यक्ति उपजाति बताए तो भी जाति कॉलम में यादव ही दर्ज किया जाए। महासभा ने इस विषय पर देशव्यापी जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत पदाधिकारी गांव गांव जाकर लोगों को जाति कॉलम में यादव दर्ज करवाने के लिए जागरूक करेंगे। महासभा के अनुसार 15 से 31 जुलाई तक सभी राज्यों में राज्य जनगणना निदेशकों 1 से 15 अगस्त तक संभागीय आयुक्तों 16 से 31 अगस्त तक जिला कलेक्टरों तथा 1 से 30 सितंबर तक उपखंड अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार एंव जनगणना आयुक्त से 700 उपजातियों को यादव में शामिल करने की मांग की जाएगी। महासभा का कहना है कि इससे भविष्य में जनक कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में यादव समाज का समग्र विकास और कल्याण सुनिशिचित हो सकेगा। महासभा ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में यादव, रावत, राउत एक ही जातीय पहचान के रूप में प्रचलित है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी अहीर, रावत, राउत शब्द के अधिक प्रचलन के कारण एक ही समुदाय के अलग अलग श्रेणियों में दर्ज होने की संभावना बनी रहती है।
प्रतिनिधिमंडल में एस. डी. यादव राष्ट्रीय सचिव, गणेश यादव प्रदेश सचिव, कार्य. जिला अध्यक्ष विनोद यादव, पप्पू यादव जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ, पंकज लता यादव जिला अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ, अधिवक्ता महेंद्र सिंह यादव, उपाध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ रायगढ़, कान्हू राम यादव, भावना यादव, सुषमा यादव, हिना यादव, प्रियंका यादव, सहित गणमान्य सदस्य मौजूद रहे।

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