मेमू का सफर हुआ मैराथन,2 घंटे 25 मिनट की जगह 4 से 5 घंटे का सफर
सप्ताहभर में एक भी दिन निर्धारित समय पर नहीं पहुंची ट्रेन
रायगढ़/। यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी से राहत मिलने का नाम नहीं ले रही है। एक्सप्रेस ट्रेनों के बाद अब रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण बिलासपुर-रायगढ़ मेमू भी रेलवे की सुस्त परिचालन व्यवस्था की मार झेल रही है। स्थिति यह है कि बिलासपुर से रायगढ़ के बीच जिस सफर को पूरा करने के लिए ट्रेन को महज 2 घंटे 25 मिनट का समय निर्धारित है, उसे पूरा करने में कई दिनों से चार से सात घंटे तक का समय लग रहा है। यानी यात्रियों को निर्धारित समय से लगभग दोगुना अथवा उससे भी अधिक समय ट्रेन के सफर में बिताना पड़ रहा है।
गौरतलब हो कि ट्रेन क्रमांक 68738 बिलासपुर-रायगढ़ मेमू का बिलासपुर से निर्धारित प्रस्थान समय सुबह 10 बजकर 40 मिनट है। इसके बाद ट्रेन को करीब 2 घंटे 25 मिनट में रायगढ़ पहुंचकर दोपहर 1 बजकर 5 मिनट पर स्टेशन पहुंचना निर्धारित है। सामान्य परिस्थितियों में यह ट्रेन दोपहर बाद अपने अगले परिचालन के लिए उपलब्ध हो जानी चाहिए, लेकिन लगातार हो रही देरी के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।उपलब्ध दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर और गंभीर नजर आती है। 14 अगस्त को ट्रेन रायगढ़ 3:15 बजे पहुंची, यानी निर्धारित समय से 2 घंटे 10 मिनट देर। बिलासपुर से 10:40 बजे रवाना होने के बाद इसे रायगढ़ पहुंचने में करीब 4 घंटे 35 मिनट लगे।15 अगस्त को 2:55 बजे रायगढ़ पहुंची। इस दिन भी निर्धारित समय से 1 घंटा 50 मिनट की देरी रही और बिलासपुर से रायगढ़ का सफर करीब 4 घंटे 15 मिनट में पूरा हुआ।17 अगस्त को स्थिति और खराब रही। ट्रेन शाम 5:30 बजे रायगढ़ पहुंची, यानी निर्धारित समय से 4 घंटे 25 मिनट देर। इस दिन 10:40 बजे से 5:30 बजे तक यात्रियों को करीब 6 घंटे 50 मिनट ट्रेन में बिताने पड़े। महज 2 घंटे 25 मिनट के निर्धारित सफर के मुकाबले यह समय लगभग तीन गुना है।
18 अगस्त को ट्रेन 3:53 बजे रायगढ़ पहुंची। यानी निर्धारित समय से 2 घंटे 48 मिनट की देरी हुई और सफर में करीब 5 घंटे 13 मिनट लगे।वहीं 19 अगस्त को ट्रेन 3:55 बजे रायगढ़ पहुंची। इस दिन भी यात्रियों को निर्धारित समय से 2 घंटे 50 मिनट अधिक इंतजार करना पड़ा। बिलासपुर से रायगढ़ पहुंचने में करीब 5 घंटे 15 मिनट का समय लगा।
निर्धारित 2:25 घंटे, लग रहे 4:15 से 6:50 घंटे
मेमू की उपलब्ध परिचालन स्थिति का सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस दूरी को तय करने के लिए रेलवे ने 2 घंटे 25 मिनट का समय निर्धारित किया है, उसी दूरी में ट्रेन को कई दिनों से 4 घंटे 15 मिनट से लेकर 6 घंटे 50 मिनट तक लग रहे हैं। यानी कहीं न कहीं परिचालन व्यवस्था में ऐसी बाधा है, जिसका सीधा खामियाजा रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को उठाना पड़ रहा है।मेमू जैसी ट्रेन में बड़ी संख्या में दैनिक यात्री, कर्मचारी, विद्यार्थी और छोटे कारोबार से जुड़े लोग सफर करते हैं। ऐसे में दो-तीन घंटे की देरी केवल ट्रेन के समय में बदलाव नहीं है, बल्कि यात्रियों की पूरी दिनचर्या को प्रभावित करने वाली स्थिति है।
एक्सप्रेस भी घंटों लेट, मेमू की चाल भी सुस्त
इसी दौरान एक्सप्रेस ट्रेनों की लेटलतीफी भी यात्रियों की परेशानी बढ़ा रही है। ट्रेन क्रमांक 22169 हमसफर एक्सप्रेस का रायगढ़ पहुंचने का निर्धारित समय सुबह 6 बजे है, लेकिन यह करीब 6 घंटे विलंब से दोपहर साढ़े 12 बजे स्टेशन पहुंची। इसी तरह ट्रेन क्रमांक 18478 उत्कल एक्सप्रेस का रायगढ़ पहुंचने का निर्धारित समय सुबह 11:30 बजे है, लेकिन यह शाम करीब 7:30 बजे पहुंची। यानी उत्कल एक्सप्रेस भी लगभग 8 घंटे विलंबित रही।
ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि जब लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों की लेटलतीफी पहले से यात्रियों के लिए परेशानी बनी हुई है, तो अब रोजमर्रा के यात्रियों की निर्भरता वाली मेमू ट्रेनों का परिचालन भी समय से क्यों नहीं हो पा रहा है।
रायगढ़ बिलासपुर मेमू की साप्ताहिक चाल पर नजर
दिन/ /रायगढ़ पहुंच/ छूट
14 अगस्त /3:15 /3:55
15अगस्त। /2:55 /3:04
17अगस्त। /5:30 /5:50
18अगस्त। / 3:53 /4:05
19अगस्त। /3:55 /4:06
29 अगस्त। /4:00




