सहारा निवेशकों की 5 सूत्रीय मांगों को लेकर एकदिवसीय हड़ताल संपन्न,
कार्यवाही नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
रायगढ़/, सहारा इंडिया में वर्षों से फंसी जमा पूंजी की वापसी की मांग को लेकर जिले के निवेशकों ने शनिवार को एकदिवसीय हड़ताल एवं धरना-प्रदर्शन किया। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में निवेशक एकत्र हुए और सरकार एवं प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। आंदोलन का नेतृत्व नरेश कंकरवाल ने किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जीवनभर की मेहनत की कमाई सहारा इंडिया में जमा करने के बावजूद आज तक उन्हें उनकी राशि वापस नहीं मिल सकी है, जिससे हजारों परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।धरना स्थल पर लगाए गए बैनरों और पोस्टरों के माध्यम से निवेशकों ने अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा। वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से लगातार ज्ञापन, प्रदर्शन और धरना दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। कई निवेशकों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा कि बच्चों की पढ़ाई, बेटी की शादी, इलाज और अन्य जरूरी कार्यों के लिए जमा की गई राशि फंसी हुई है, जिससे परिवारों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
धरना कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यदि शीघ्र भुगतान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार से निवेशकों के हित में तत्काल हस्तक्षेप करने तथा दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
ये रहीं आंदोलनकारियों की 5 प्रमुख मांगें
आंदोलनकारियों ने प्रशासन एवं सरकार के समक्ष पांच सूत्रीय मांगें रखीं। इनमें सहारा इंडिया के समस्त मैनेजरों एवं एजेंटों की संपत्ति कुर्क करने, एजेंट जयप्रकाश शर्मा एवं संतोष सिंह को तत्काल गिरफ्तार करने, रायगढ़ जिले के सभी निवेशकों का लंबित भुगतान तुरंत कराने, जिला प्रशासन द्वारा एक विशेष शिविर लगाकर निवेशकों की जमा रसीदों का सत्यापन एवं आंकड़ों का संकलन करने तथा कोतवाली पुलिस द्वारा फर्जी खाते खोलने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई कर निवेशकों की राशि वापस दिलाने की मांग शामिल है।




