पेपर लीक माफिया पर मोदी का बड़ा संदेश: “बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा”
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के नाम जारी अपने तीसरे वीडियो संदेश में सार्वजनिक परीक्षाओं को पूरी तरह भरोसेमंद, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पेपर लीक के दोषियों को सजा देना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाना है जिसमें भविष्य में पेपर लीक की घटनाएं लगभग असंभव हो जाएं। इसके लिए संसद में कड़ा कानून लाया गया है और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार शुरू किए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, उन्हें जेल भेजा जा चुका है और आगे भी किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता देश के करोड़ों विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित करना है और परीक्षा व्यवस्था में जनता का विश्वास फिर से मजबूत करना है।
मोदी ने बताया कि परीक्षा प्रणाली में स्थायी और तकनीक आधारित सुधारों के लिए विश्व प्रसिद्ध तकनीकी विशेषज्ञ तथा इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक हाई पावर्ड टास्क फोर्स गठित की गई है। यह समिति आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग, पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए अपनी रिपोर्ट देगी, जिसे सरकार लागू करेगी। इस टास्क फोर्स में पूर्व इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ, पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका, आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल सहित कई विशेषज्ञ शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार केवल वर्तमान संकट का समाधान नहीं कर रही, बल्कि आने वाले वर्षों की परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदलने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने छात्रों और अभिभावकों से भरोसा रखने की अपील करते हुए कहा कि ईमानदार विद्यार्थियों की मेहनत किसी भी कीमत पर बेकार नहीं जाने दी जाएगी और भविष्य में निष्पक्ष एवं सुरक्षित परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित की जाएगी।




