Monday, March 9, 2026
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अनुज्ञप्ति शुल्क बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस का ज्ञापन

अनुज्ञप्ति शुल्क बढ़ोतरी के खिलाफ कांग्रेस का ज्ञापन, छोटे व्यापारियों पर बोझ का आरोप, निगम कार्यालय में जमकर नारेबाजी

रायगढ़/ प्रदेश शासन द्वारा व्यापार अनुज्ञप्ति शुल्क में बढ़ोतरी किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा
निगम कार्यालय पहुंचकर प्रदेश शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।साथ ही राज्यपाल के नाम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है।

शुल्क के लिए तय तीन श्रेणियां

गौरतलब हो कि जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शाखा यादव के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा 7 नवंबर 2025 को जारी नोटिफिकेशन के तहत नगरीय निकायों में व्यापार अनुज्ञप्ति शुल्क को अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अनुसार शहरों की सभी छोटी-बड़ी दुकानों को लाइसेंस के तहत शुल्क देना होगा, बिना अनुज्ञप्ति शुल्क दिए कोई भी दुकान या प्रतिष्ठान संचालित नहीं किया जा सकेगा।ज्ञापन में बताया गया है कि सरकार ने दुकानों के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं। मोहल्ला स्तर की दुकानों पर 4 रुपये प्रति वर्गफुट, मध्यम स्तर की दुकानों पर 5 रुपये प्रति वर्गफुट तथा मुख्य बाजार की दुकानों पर 6 रुपये प्रति वर्गफुट वार्षिक शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही नगर निगम क्षेत्र में अधिकतम 30 हजार रुपये, नगर पालिका क्षेत्र में 20 हजार रुपये और नगर पंचायत क्षेत्र में 10 हजार रुपये तक वार्षिक शुल्क तय किया गया है।
कांग्रेस का आरोप है कि इस व्यवस्था से छोटे व्यापारियों, रेहड़ी-पटरी लगाने वालों और ठेला चलाकर रोजी-रोटी कमाने वाले लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। पहले से ही संपत्ति कर, कचरा संग्रहण कर और जीएसटी जैसे करों का भार झेल रहे व्यापारियों पर यह नया शुल्क थोपना उचित नहीं है।

सड़क पर उतर करेंगे आंदोलन

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि सड़क की चौड़ाई के आधार पर भी अतिरिक्त शुल्क वसूले जाने का प्रावधान रखा गया है। 15 मीटर से कम चौड़ी सड़कों के किनारे स्थित दुकानों से प्रति वर्गफुट सालाना लाइसेंस फीस वसूली जाएगी, जिसे कांग्रेस ने अनुचित और अव्यवहारिक बताया है।कांग्रेस ने राज्य सरकार से इस आदेश की पुनः समीक्षा कर तत्काल वापस लेने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया तो छोटे व्यापारियों को साथ लेकर सड़क पर उतर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

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