क्या शिक्षा विभाग में खत्म हुआ अटैचमेंट सिस्टम …. ? विभागीय दावों के बीच अब भी कार्यालयों में जमे शिक्षक
डीपीआई के आदेश के बाद भी कई शिक्षक मूल पदस्थापना से बाहर, छात्रावासों में 41 शिक्षकों की तैनाती बरकरार
रायगढ़/ प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षकों की कमी को दूर करने और स्कूलों में वास्तविक शैक्षणिक व्यवस्था बहाल करने के उद्देश्य से अटैचमेंट शिक्षकों के संलग्नीकरण समाप्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं। डीपीआई के आदेश के बाद रायगढ़ जिला शिक्षा विभाग ने भी दावा किया है कि जिले में सभी अटैचमेंट शिक्षकों की मूल पदस्थापना में वापसी करा दी गई है। हालांकि जमीनी स्थिति विभागीय दावों पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है।
जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन के निर्देश पर अब भी करीब 41 शिक्षकों की ड्यूटी विभिन्न छात्रावासों में लगाई गई है। विश्वसनीय सूत्रों की माने तो कई शिक्षक ऐसे भी बताए जा रहे हैं जो अब तक अपने मूल विद्यालयों में वापस नहीं लौटे हैं और जिला मुख्यालय अथवा अन्य कार्यालयों में संलग्न होकर कार्य कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि आखिर विभागीय आदेश केवल कागजों तक सीमित हैं या वास्तव में संलग्नीकरण समाप्त किया गया है।डीपीआई द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि 5 जून 2025 के बाद सभी प्रकार के अटैचमेंट स्वतः समाप्त माने जाएंगे तथा संबंधित शिक्षकों को मूल पदस्थापना स्थल पर कार्य करना होगा। विभाग ने सभी जिलों से संलग्न शिक्षकों की अद्यतन जानकारी भी तलब की है। इसके बावजूद रायगढ़ जिले में अब भी कई नाम चर्चा में बने हुए हैं।बताया जा रहा है कि महीनों से कार्यालयीन कार्यों में लगे कुछ शिक्षकों की वापसी अब तक नहीं हो सकी है। इससे ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की कमी की समस्या जस की तस बनी हुई है। शिक्षा विभाग के भीतर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। कई शिक्षक संगठन भी यह सवाल उठा रहे हैं कि यदि सरकार वास्तव में शिक्षकों को स्कूलों में भेजना चाहती है तो फिर कार्यालयों और अन्य संस्थानों में उनकी तैनाती क्यों जारी है।
अटैचमेंट शिक्षकों की सूची से बाहर
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा कार्यालय में अब भी कुछ शिक्षक संलग्न होकर कार्य कर रहे हैं। सूत्रों की माने तो पुसलदा शासकीय प्राथमिक शाला में प्राचार्य पद पर पदोन्नत होकर गए भुवनेश्वर पटेल वर्तमान में जिला शिक्षा कार्यालय में दस्तावेजी कार्यों में व्यस्त हैं। वहीं किरण महंत, गोविन्दराम पटेल, अंजनेय यादव और कुंतल श्रीवास के नाम जिला शिक्षा विभाग से प्राप्त अटैचमेंट सूची से बाहर है।संभावना जताई जा रही है कि ऐसे नामों की संख्या और भी हो सकती है।
डी पी ओ ने मांगी थी जानकारी
जिले में अटैचमेंट शिक्षकों के संबंध में डी पी ओ द्वारा सभी जिले के शिक्षाधिकारियों से जानकारी तलब की गई थी।जाहिर है उन्हें भी यही सूची उप्लब्ध कराई गई होगी।
अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि जिला शिक्षाधिकारी के दावे सही हैं तो क्या इन शिक्षकों की वास्तव में मूल पदस्थापना में वापसी हो चुकी है, या फिर वे अब भी विभागीय संरक्षण में जिला मुख्यालय में ही जमे हुए हैं।
वर्शन/ जिले में सभी शिक्षकों का अटैचमेंट समाप्त कर दिया गया है।छात्रावासों में जिला प्रशासन के निर्देशानुसार 41 शिक्षकों की नियुक्ति है।
के व्ही राव, जिला शिक्षाधिकारी




