शहर में गहराने लगा पेयजल संकट, दस दिनों में 64 बोर पंप हुए खराब
भीषण गर्मी से नीचे खिसका भू जल स्तर, अमृत मिशन की धीमी जलापूर्ति पर भी उठे सवाल
रायगढ़/ भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान का असर अब शहर की पेयजल व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। शहर में जलस्तर तेजी से नीचे खिसकने के कारण निगम क्षेत्र के बोर पंप लगातार जवाब देने लगे हैं। हालात यह हैं कि नगर निगम को प्रतिदिन औसतन आधा दर्जन बोर पंपों में खराबी की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे कई वार्डों में पेयजल संकट गहराने लगा है।
जानकारी के अनुसार बीते दस दिनों के भीतर शहर के विभिन्न वार्डों में कुल 64 बोर पंप प्रभावित हुए हैं। इनमें कई बोर पंपों की मोटर जल गई, जबकि अनेक स्थानों पर भू-जल स्तर नीचे चले जाने से पानी का प्रवाह कम हो गया। ऐसी स्थिति में निगम को बोर पंपों में अतिरिक्त 50 से 70 फीट तक कंप्रेशर पाइप डालकर जल आपूर्ति बहाल करनी पड़ रही है।बताया जा रहा है कि रायगढ़ शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए 400 से अधिक बोर पंप स्थापित हैं। गर्मी बढ़ने के साथ इन बोर पंपों पर निर्भरता भी बढ़ गई है, जिससे मशीनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। लगातार संचालन और जलस्तर गिरने के कारण मोटर जलने एवं पाइपलाइन संबंधी तकनीकी समस्याएं तेजी से सामने आ रही हैं।नगर निगम की टीमों द्वारा खराब बोर पंपों की मरम्मत और मोटर बदलने का कार्य लगातार किया जा रहा है। वहीं जिन क्षेत्रों में जलस्तर अत्यधिक नीचे चला गया है, वहां अतिरिक्त पाइप डालकर पानी निकालने की कोशिश की जा रही है। हालांकि लगातार बढ़ती गर्मी के कारण निगम के सामने पेयजल व्यवस्था बनाए रखना चुनौती बनता जा रहा है।
अमृत मिशन का नहीं मिल रहा साथ
करोड़ो रुपए खर्च कर लोगों की सुलभ जलापूर्ति के लिए अमृत मिशन के तहत समूचे शहर में पाईप लाईन विस्तार के साथ बड़ी बड़ी टंकियों का निर्माण कराया गया है। परन्तु शासन की यह महत्वाकांक्षी योजना धरातल पर पूर्णतया असफल नजर आ रही है।आलम यह है कि कुछ वार्डो में तो इसका पानी ही नहीं पहुंचता।और कही पहुंच भी रहा है तो महज आधे घंटे में ही बंद हो जाता है। यदि इस भीषण गर्मी में अमृत मिशन का साथ शहर के बोर पंपों को मिलता तो संभवतः पेयजल की किल्लत काफी हद तक कम की जा सकती थी।




