Wednesday, April 1, 2026
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निजी दीवारों पर बिना अनुमति लिखे जा रहे स्वच्छता स्लोगन

निजी दीवारों पर बिना अनुमति लिखे जा रहे स्वच्छता स्लोगन

निगम की मनमानी कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, नहीं हुई सफाई तो करेंगे शिकायत

रायगढ़/ स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन को लेकर निगम प्रशासन द्वारा शहर में पेंटिंग के साथ ही दीवारों पर स्लोगन भी लिखे जा रहे है।परन्तु निगम के इस कार्य पर भी मनमानी रवैए का आरोप लगना शुरू हो गया है।इसका कारण मकान मालिकों से बिना इजाजत दीवारों पर स्लोगन लिखा जाना है।जिसे लेकर लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिली है।

गौरतलब हो कि शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–26 को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके तहत शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और दीवारों पर रंग-रोगन कर स्वच्छता से जुड़े जागरूकता स्लोगन और प्रचारात्मक संदेश लिखे जा रहे हैं। निगम का उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और सर्वेक्षण में बेहतर रैंक हासिल करना है।हालांकि इस अभियान के दौरान निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठने लगे हैं। शहर के कई इलाकों में जिन दीवारों पर स्वच्छता से जुड़े स्लोगन और विज्ञापन लिखे जा रहे हैं, उनमें से कई दीवारें नगर निगम या किसी शासकीय विभाग की नहीं बल्कि निजी मकान मालिकों की संपत्ति बताई जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन निजी दीवारों पर रंग-रोगन और प्रचार-प्रसार का कार्य बिना किसी अनुमति के किया जा रहा है।प्रभावित मकान मालिकों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा न तो उनसे मौखिक सहमति ली गई और न ही कोई लिखित अनुमति प्राप्त की गई। बिना अनुमति के ही दीवारों पर रंग-रोगन कर स्वच्छता संदेश और प्रचार सामग्री लिख दी गई। इससे कई लोगों में नाराजगी भी देखी जा रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि नगर निगम को प्रचार-प्रसार के लिए निजी संपत्तियों का उपयोग करना ही है तो पहले संबंधित मकान मालिक से अनुमति लेना जरूरी है। बिना सहमति के निजी संपत्ति पर इस प्रकार का कार्य किया जाना नियमों और नागरिक अधिकारों की अनदेखी माना जा रहा है।

निगम की मनमानी कार्यप्रणाली पर सवाल

इस पूरे मामले को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। लोगों का कहना है कि स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण अभियान में भी यदि प्रशासन मनमानी तरीके से काम करेगा, तो इससे लोगों में निगम के प्रति नकारात्मक संदेश जाएगा।कुछ नागरिकों का यह भी कहना है कि शहर में कई शासकीय भवनों, सार्वजनिक दीवारों और निगम की संपत्तियां उपलब्ध हैं, जहां इस प्रकार के प्रचार-प्रसार किए जा सकते हैं। इसके बावजूद निजी दीवारों को बिना अनुमति उपयोग में लाना उचित नहीं माना जा रहा।लोगो का मानना है कि स्वच्छ सर्वेक्षण जैसे अभियान में जनभागीदारी बेहद जरूरी है। ऐसे में निगम प्रशासन को चाहिए कि जिन निजी दीवारों का उपयोग प्रचार-प्रसार के लिए किया जा रहा है, उनके मकान मालिकों से पूर्व अनुमति लेकर ही रंग-रोगन और स्लोगन लिखे जाएं।

नहीं हुई सफाई तो करेंगे शिकायत

इस पूरे मामले में प्रभावित रामबाग स्थित मंजन मालिक सुधीर पटेल ने जनकर्म से चर्चा में बताया कि निगम के कर्मचारी घर मालिक की अनुपस्थिति और बिना उनकी जानकारी के ही दीवारों पर स्लोगन लिखने का कार्य कर रहे है।जब उनसे इसकी जानकारी मांगी गई तो निगम के आला अधिकारियों द्वारा निर्देश दिए जाने की बात कही गई।जब उन्होंने आपत्ति जताई तो दीवार साफ कराने की बात तो कही गई।जो अब तलक नहीं हो सका है।वही अब प्रभावित मकान मालिक द्वारा निगम की इस गतिविधि को लेकर दीवार साफ न होने की स्थिति में निगम के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही जा रही है।

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