पार्टी निर्देशों की अवहेलना पर घरघोड़ा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस
तीन दिवस में मांगा जवाब, समयावधि में संतोषजनक जवाब न देने पर होगी अनुशासनात्मक कार्यवाही
रायगढ़/ जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) द्वारा घेरघोड़ा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शिव शर्मा को पार्टी निर्देशों की अवहेलना और अनुशासनहीनता के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उनसे तीन दिवस के भीतर संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। निर्धारित समयावधि में जवाब नहीं मिलने की स्थिति में पार्टी संविधान के तहत आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।
जानकारी के अनुसार यह नोटिस प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर जारी किया गया है। जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि प्रदेश अध्यक्ष के रायगढ़ प्रवास के दौरान संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से “बूथ चलो अभियान” के तहत घेरघोड़ा ब्लॉक में बूथ कमेटियों के गठन के लिए विशेष निर्देश दिए गए थे। इसके तहत निर्धारित समय-सीमा में कार्यक्रम आयोजित कर बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय करने की जिम्मेदारी ब्लॉक अध्यक्ष को सौंपी गई थी।नोटिस में आरोप लगाया गया है कि निर्धारित अवधि में ब्लॉक अध्यक्ष द्वारा न तो इस अभियान के अंतर्गत कोई कार्यक्रम आयोजित किया गया और न ही संगठन को सक्रिय करने के लिए अपेक्षित पहल की गई। इतना ही नहीं, जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा घेरघोड़ा के वार्ड क्रमांक 7 में बूथ चलो अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में भी ब्लॉक अध्यक्ष की ओर से कोई सहभागिता दर्ज नहीं कराई गई। इसे पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के निर्देशों की अनदेखी माना गया है।जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि ब्लॉक अध्यक्ष का यह रवैया पार्टी अनुशासन, संगठनात्मक मर्यादा और वरिष्ठ नेताओं के निर्देशों की अवहेलना की श्रेणी में आता है। ऐसे में उनसे स्पष्ट जवाब मांगा गया है कि आखिर किन कारणों से अभियान के कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया गया और जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में भी भागीदारी क्यों नहीं की गई।पार्टी सूत्रों के अनुसार संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर प्रदेश स्तर से लगातार सक्रियता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही या निर्देशों की अनदेखी को गंभीरता से लिया जा रहा है। अब देखना होगा कि ब्लॉक अध्यक्ष द्वारा दिए जाने वाले जवाब के बाद संगठन इस मामले में क्या निर्णय लेता है।




