पुसौर क्षेत्र में 8 माह से जमीन खरीदी-बिक्री पर लगी रोक, अपनी जमीन बेचने सरकार के आदेश का इंतजार
अधिकारी बता रहे एन एच और नहर निर्माण का होगा काम, ग्रामीणों में नई कंपनी की सुगबुगाहट
रायगढ़/ जिले के तहसील पुसौर अंतर्गत आधे दर्जन गांवों में पिछले करीब आठ महीनों से जमीन की खरीदी-बिक्री पूरी तरह बंद पड़ी है, जिससे किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गोर्रा, अमलडीहा, पचेड़ा, टेका, कौवाताल, पुटकापुरी सहित आधा दर्जन से अधिक गांव इस समस्या से प्रभावित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि खेती-किसानी और निजी जरूरतों के लिए जमीन की खरीदी-बिक्री बेहद जरूरी होती है, लेकिन लंबे समय से रजिस्ट्री प्रक्रिया ठप होने से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।वही अपने हक की भूमि भी खरीदी बिक्री करने ग्रामवासी लाचार नजर आ रहे है।
अधिकारियों के पास नहीं स्पष्ट जवाब
गौरतलब हो कि पुसौर के आधा दर्जन ग्रामों में लगभग सालभर के अधिक समय से जमीन खरीदी बिक्री पर रोक लगा दी गई है जब इस संबंध में अधिकारियों से जानकारी मांगी गई तो चिन्हांकित ग्रामों में एन एच सड़क एवं नहर निर्माण की बात बताई जा रही है।वही दूसरी और ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि किसी बड़ी कंपनी द्वारा क्षेत्र में सर्वे कराया जा रहा है। कुछ लोग इसे अदानी या सीमेंस कंपनी का सर्वे बता रहे हैं। हालांकि इस संबंध में भी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।हालांकि इन ग्रामों की भूमि के खरीदी बिक्री पर तो सालभर पहले से ही रोक लगा दिया गया है ।वही इस अवधि में जरूरतमंद किसान अपनी जरूरतों को पूरा करने भी अपनी भूमि खरीदी बिक्री न कर पाने की मजबूरी झेल रहा है। इसके अलावा जानकारी की माने तो कुछ महीनों पहले क्षेत्र के कुछ स्थानों पर ट्यूबवेल पंप से खुदाई की गई थी, जिसे बाद में प्रशासन द्वारा इसे सील कर दिया गया। इस दौरान जमीन के अंदर किसी प्रकार की धातु मिलने की बात भी सामने आ रही है।हालांकि इस दावे मि कितनी सच्चाई है इसका निर्धारण तो आने वाले समय में ही हो सकेगा।
गांवों में बढ़ी हलचल
अचानक जमीन खरीदी-बिक्री पर रोक और सर्वे की चर्चाओं के चलते ग्राम गोर्रा ,अमलडीहा, पचेड़ा, टेका, कौवाताल, पुटकापुरीसहित आसपास के गांवों में हलचल तेज हो गई है। लोग संभावित उद्योग अथवा सड़क परियोजना को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगा रहे हैं। फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन प्रशासन की चुप्पी और लंबे समय से बंद पड़ी रजिस्ट्री ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों की मांग है कि शासन-प्रशासन इस मामले में जल्द स्पष्ट जानकारी दे, ताकि भ्रम की स्थिति खत्म हो सके।
वर्सन/ बीते 8 माह से पुसौर के आधा दर्जन ग्रामों में जमीन खरीदी बिक्री पर रोक लगाई गई है।इन ग्रामों में एन एच सड़क एवं नहर निर्माण की योजना है।डी एन पैकरा
उप पंजीयक
पुसौर
डी एन पैकरा, उप पंजीयक, पुसौर




