पंडित दीनदयाल उपाध्याय दो दिवसीय प्रशिक्षण महाअभियान -2026 का शुभारंभ


रेड क्वीन में आयोजित प्रशिक्षण महाअभियान में कार्यकर्ताओं ने पेश की अनुशासन की बानगी

महिलाओं ने भी बढ़ चढ़ कर भागदारी निभाई


ध्वजारोहण,दीप प्रज्व्वलन,वन्देमातरम गीत से हुई अभियान की शुरुवात
रायगढ़ :विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के कार्यकताओं का प्रशिक्षण महाअभियान में राष्ट्रवाद एवं अनुशासन की झलक नजर आई। पंडित दीनदयाल उपाध्याय दो दिवसीय प्रशिक्षण महाअभियान आज रेड क्वीन में 11 बजे ध्वजा रोहण के साथ शुरू हुआ। इसके पहले प्रातः 9 बजे से अभियान में शामिल होने वाले कार्यकताओं के कतारबद्ध होकर अपना विधिवत पंजीयन कराया और इसके बाद दो दिवसीय प्रशिक्षण महाअभियान में शामिल हुए । पंजीकरण के बाद ही अतिथियों का आगमन प्रारम्भ हो गया । महामंत्री विकास केडिया ने इस आयोजन के संबंध में जानकारी देते हुए का प्रथम सत्र की शुरुवात उद्घाटन सत्र के रूप में हुई । इस सत्र में अतिथियों का आगमन ध्वजा रोहण,दीप प्रज्व्वलन,वंदेमातरम गीत स्थानीय उत्पाद के जरिए स्वागत अभिनंदन,प्रशिक्षण वर्ग की उपदेवता,के सात में इतिहास और विकास संबंधी जानकारी दी गई। संभाग सह प्रभारी अभिषेक शुक्ला,जिला प्रभारी प्रशांत सिंह ठाकुर नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान के आतिथ्य में सबसे पहले ध्वजारोहण करते हुए भारत माता का जयकारा लगाया गया इसके बाद दीप प्रज्वलन के बाद वंदे मातरम गीत गया गया । मातृ शक्ति पूजा चौबे द्वारा लोक शक्ति राष्ट्र शक्ति का भाव जगाते हुए प्रेरणा भाव से आगे बढ़ चलो गीत का उजपूर्ण गायन किया । मंचस्थ अतिथियों के स्वागत की परम्परा का कुशल निर्वहन करते हुए रायगढ़ जिला भाजपा के कार्यकताओं ने अनुशासन की एक बानगी पेश की। इस सत्र के वक्ता वरिष्ठ भाजपा नेता सतीश बेहरा ने भाजपा के इतिहास और विकास के कार्यकताओं को अवगत कराते हुए कहा भाजपा पार्टी एक परिवार है और कार्यकर्ता इस परिवार के सदस्य है। अब यह परिवार विश्व का सबसे बड़े सदस्यों वाला परिवार बन गया । इसलिए आवश्यक है कि बड़े परिवार में रहने सोने खाने पीने सहित दिनचर्या में अनुशासन का पालन करते हुए अपनी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करे। दो सीटो से पूर्ण बहुमत का यह सफर कार्यकर्ताओं के त्याग तपस्या का स्वर्णिम इतिहास समेटे हुए है। परिवार बढ़ने पर जिम्मेदारियां भी बढ़ती है ऐसी स्थिति में सभी का दायित्व है कि हम अपनी अपनी जिम्मेदारी का निष्ठा पूर्वक निर्वहन करे। सतीश बेहरा ने कहा जैसे घर के एक सदस्य को साफ सफाई की जिम्मेदारी दी गई इसका आशय है कि वह सदस्य घर के कचरे को कूड़ेदान में डालेगा लेकिन अन्य सदस्यों को गंदगी फैलाने का अधिकार नहीं है। सफाई का दायित्व एक सदस्य पर है लेकिन अन्य सदस्य साफ सफाई में सहयोग करेंगे और कचरे को निर्धारित जगह पर डालेंगे तभी घर साफ सुथरा रहेगा। अमूमन हम यह सोचते है कि सफाई का दायित्व किसी और पर है इसलिए हम कचरा फैला सकते है। भाजपा नेता सतीश बेहरा ने कहा भाजपा पार्टी ने आगे बढ़ने के साथ साथ अनुशासन का महत्व अधिक महत्व दिया। पंच परिवर्तन के तहत सामाजिक समरसता,पर्यावरण संरक्षण,स्वदेशी भाव जागरण,कुटुंब प्रबोधन,नागरिक कर्तव्य बोध की के सम्बन्ध में विस्तार से बताया गया। पंच निष्ठाएं,के तहत राष्ट्रवाद,एवं राष्ट्रीय एकता,लोकतंत्र,गांधी वादी दृष्टि कोण पर आधारित समरसता,सकारात्मक पंथ निरपेक्षता,मूल्य आधारित राजनीति की जानकारी दी गई।दो घंटे तक चले इस सत्र के बाद द्वितीय सत्र में वैचारिक अधिष्ठान के तहत पूर्व प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बृजेश गुप्ता ने अपने विचार रखे यह सत्र घंटे तक चला इसमें कार्यकताओं ने पूरे मनोयोग से सुना।
कार्यकताओं को संबोधित करते हुए ब्रजेश गुप्ता ने कहा वैचारिक अधिष्ठान एक महत्वपूर्ण अवधारणा है जो किसी व्यक्ति या समूह के विचारों, मूल्यों और विश्वासों को संदर्भित करती है। यह अधिष्ठान उनके व्यवहार, निर्णयों और कार्यों को प्रभावित करता है।वैचारिक अधिष्ठान की विस्तार से व्याख्या करने हेतु इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझाते हुए कहा सबसे पहले हमें अपना या दूसरों का विचार प्रभावित करता है। वैचारिक अधिष्ठान में व्यक्ति के विचार और विचारधारा शामिल होते हैं। यह उनके दृष्टिकोण, मूल्यों और विश्वासों को दर्शाता है। इसके बाद मूल्य का प्रभाव सबसे अधिक होता है। वैचारिक अधिष्ठान में व्यक्ति के मूल्य और नैतिकता शामिल होते हैं। यह उनके व्यवहार और निर्णयों को प्रभावित करता है। वैचारिक अधिष्ठान का आधार विश्वास है। वैचारिक अधिष्ठान में व्यक्ति के विश्वास और धार्मिक या आध्यात्मिक विचार शामिल होते हैं। यह उनके जीवन के उद्देश्य और अर्थ को दर्शाता है। इसके बाद संस्कृति का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। वैचारिक अधिष्ठान में व्यक्ति की संस्कृति और सामाजिक परंपराएं शामिल होती हैं। यह उनके व्यवहार और निर्णयों को प्रभावित करता है। वैचारिक अधिष्ठान में व्यक्ति का अनुभव और ज्ञान शामिल होते हैं। यह उनके दृष्टिकोण और निर्णयों को प्रभावित करता है। वैचारिक अधिष्ठान के विभिन्न पहलू राजनीतिक अधिष्ठान,धार्मिक अधिष्ठान,समाजिक अधिष्ठान,आर्थिक अधिष्ठान,पर प्रकाश डालते हुए इसके महत्व के संबंध में बताया।एक घंटे तक चले द्वितीय सत्र के बाद भोजन उपरांत तृतीय सत्र की शुरुवात की गई जिसमें संभाग सह प्रभारी अभिषेक शुक्ला ने सरकार की उपलब्धियों एवं क्रियान्वयन पर विचार व्यक्त किए।संभाग सह प्रभारी अभिषेक शुक्ला ने सरकार की उपलब्धियां एवं क्रियान्वयन के साथ योजनाओं से अपेक्षित लाभार्थियों को जोड़े जाने की जानकारी दीं। प्रधान मंत्री मोदी के द्वारा प्रधान मंत्री आवास,उज्जवला योजना,आयुष्मान योजना,जन धन योजना,स्वच्छ भारत मिशन,किसान सम्मान निधि,इथेनॉल उत्पादन,राजमार्ग निर्माण के साथ साथ मोदी सरकार ने ऐसे महत्पूर्ण कदम उठाए है जिससे गरीबों का कल्याण हुआ और सुशासन के साथ साथ आर्थिक विकास तेजी से हुआ है। इसके अलावा भाजपा के राम मंदिर का निर्माण पूरा किया। धारा 378 हटाकर एक राष्ट्र निर्माण का संकल्प पूरा किया। उसी तरह छत्तीसगढ़ में भी साय सरकार ने भी महतारी दुलार योजना,महतारी वंदन योजना,राजीव गांधी किसान न्याय योजना,वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना,गोधन न्याय योजना,महतारी वंदन योजना,हाफ बिजली योजना,प्रधान मंत्री आवास योजना,कौशल्या मातृत्व योजना,शुरू की है जिसका लाभ जनता को मिल रहा है।संभाग सह प्रभारी ने कहा सरकारी योजनाओं की जानकारी सभी कार्यकताओं को होना चाहिए ताकि वे आस पास रहने वाले लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिला सके। साथ ई योजनाओं का सोशल मंच के जरिए अधिक से अधिक प्रचार करना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोगों को लाभ दिलाने का विशेष प्रयास होना चाहिए ताकि पंडित दिन दयाल उपाध्याय के सपने को साकार किया जा सकें। बिलासपुर संभाग प्रभारी रामू रोहरा ने चौथे सत्र में कार्यकताओं को बूथ प्रबंधन से जुड़े बिंदुओं पर टिप्स दिए। टिफिन बैठक कार्ययोजना,बूथ स्तरीय कार्यक्रम के जरिए कैसे लोगों तक आसानी से न केवल पहुंचा का सकता है अपितु सरकारी योजनाओं को जानकारी दे कर लाभार्थियों को लाभ दिया जा सकता हैं।पांचवे सत्र में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल जी ने कार्यकताओं को उत्सुकता जिज्ञासा के संबध में जानकर उनकी समस्याओं का समाधान भी किया। अजय जामवाल ने सीधे कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित कर उनकी जिज्ञासा का समाधान किया।अजय जामवाल जी ने कहा जिज्ञासा और समाधान दो ऐसे शब्द हैं जो एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। जिज्ञासा का अर्थ है किसी चीज के बारे में जानने की इच्छा, जबकि समाधान का अर्थ है किसी समस्या का उत्तर या समाधान ढूंढना। संगठन के कार्य करने की विधि के संबंध में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित किया। जिज्ञासा और समाधान के संबंध में विचार व्यक्त करते हुए कहा जिज्ञासा ही समाधान की शुरुआत है। जब हम किसी चीज के बारे में जिज्ञासा रखते हैं, तो हम उसके बारे में अधिक जानने के लिए प्रेरित होते हैं। यह जिज्ञासा हमें समाधान की ओर ले जाती है। कार्यकताओं को संबोधित करते हुए कहा जब हम किसी समस्या के बारे में जिज्ञासा रखते हैं, तो हम उसके समाधान के लिए नए विचार और दृष्टिकोण ढूंढते हैं। उन्होंने क्या समाधान जिज्ञासा को बढ़ाता है।जब हम किसी समस्या का समाधान ढूंढते हैं, तो हमारी जिज्ञासा और भी बढ़ जाती है। हम और अधिक जानना चाहते हैं और नए सवाल पूछते हैं।जिज्ञासा और समाधान एक दूसरे के पूरक भी है। जिज्ञासा और समाधान एक दूसरे के पूरक हैं। जिज्ञासा हमें समाधान की ओर ले जाती है, और समाधान हमारी जिज्ञासा को बढ़ाता है। कार्यकताओं को हमेशा जिज्ञासा रखते हुए सवाल पूछने चाहिए।समस्या आने पर ही हम उसका समाधान खोजने का प्रयास करते है। इस दौरान हमे नए विचारों आते है ।जिज्ञासा को बढ़ाए जाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कार्यकर्ता जिज्ञासा को बढ़ाने के लिए नए विषयों के बारे में पढ़ें और सीखें।




