Saturday, March 28, 2026
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अघोषित गार्बेज प्वाइंट बने मुसीबत, गंदगी और बदबू से लोग हुए बेहाल

अघोषित गार्बेज प्वाइंट बने मुसीबत, गंदगी और बदबू से लोग हुए बेहाल

हर वार्ड में कचरा डंपिंग यार्ड, सफाई विभाग को महज 40 का आंकड़ा याद

जानकारी का अभाव या अघोषित प्वाइंट..?

रायगढ़/ शहर में मौजूदा गार्बेज प्वाइंट को लेकर निगम का सफाई विभाग असमंजस में दिखाई पड़ रहा है।जिनके आंकड़ों के मुताबिक तो शहर में महज 40 गार्बेज प्वाइंट निर्धारित है।परन्तु स्थिति इसके उलट देखने को मिलती है। जहां शहर के मुख्य मार्गो सहित हर वार्ड में दो से तीन स्थानों में कचरों का ढेर आसानी से देखने को मिल जाता है।हालांकि सफाई विभाग वार्डो में गार्बेज प्वाइंटों से रोजाना कचरा उठाव के दावे तो जरूर करता है।परन्तु दावे की हकीकत मौजूद कचरे के ढेर हो बया करते है।

गौरतलब हो कि गार्बेज प्वाइंट वह निर्धारित स्थान होता है जहाँ किसी मोहल्ले या क्षेत्र का कचरा इकट्ठा किया जाता है। यहाँ लोग या सफाई कर्मचारी घरों और दुकानों से निकला कचरा लाकर डालते हैं, ताकि बाद में नगर निगम की गाड़ी उसे उठाकर डंपिंग ग्राउंड या एस एल आर एम सेंटर तक छोड़ सके।वही निगम के सफाई विभाग की माने तो पूर्व में जहां 88 गार्बेज प्वाइंट निर्धारित किए गए थे।वही बेहतर व्यवस्था से अब इनकी संख्या 40 होने का दावा किया जा रहा है।परन्तु मौजूदा हालातों की बात करे तो शहर के हर वार्ड में 3 से 4 गार्बेज प्वाइंट बने नजर आते है।जहां कचरा उठाव के अभाव में गंदगी और दुर्गंध बीमारी को खुला आमंत्रण देते नजर आती है।गौरतलब हो कि शहर के 48 वार्डो में ऐसा कोई भी वार्ड मौजूद नहीं जहां गार्बेज प्वाइंट न हो।तो फिर निगम के सफाई विभाग बताए जा रहे महज 40 गार्बेज प्वाइंट की बात हजम होना मुश्किल है।या फिर दूसरे शब्दों में यदि इसकी जानकारी निगम को नहीं तो फिर ये अघोषित प्वाइंट आखिर किसकी छूट पर बनाए गए…?

एडवांस मशीनों से होगी कचरे की छठाई

स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पहचाने जाने वाले रायगढ़ नगर निगम में एक ओर जहां शहर को सुंदर बनाने के लिए दीवारों पर रंग-रोगन और आकर्षक चित्रकारी कराई जा रही है, वहीं दूसरी ओर कई वार्डों में जगह-जगह लगे कचरे के ढेर इस उपलब्धि पर सवाल खड़े कर रहे हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों में बने अस्थायी गार्बेज प्वाइंट पर नियमित रूप से कचरा जमा होने से लोगों को बदबू और गंदगी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।इसी स्थिति को सुधारने के लिए नगर निगम द्वारा अब एसएलआर सेंटरों में आधुनिक मशीनों के माध्यम से कचरे की छंटाई करने की योजना पर काम शुरू किया जा रहा है। इस व्यवस्था के तहत घर-घर से एकत्रित होने वाले सूखे और गीले कचरे को एसएलआर सेंटरों तक लाकर मशीनों की मदद से अलग-अलग किया जाएगा, जिससे कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।बहरहाल देखना लाजमी होगा कि आधुनिक मशीनों से छटाई कार्य तो बेहतर हो जाएगा।परन्तु शहर के अघोषित गार्बेज प्वाइंट में सुधार होगा।या फिर स्थिति जस की तस बनी रहेगी।

वर्शन/ पूर्व में निगम द्वारा 88 गार्बेज प्वाइंट बनाए गए थे।स्थिति में सुधार होने के साथ अब इनकी संख्या 40 कर दी गई है।जल्द ही आधुनिक मशीनों के माध्यम कचरे की छटाई का कार्य शुरू किया जाएगा।जिस से व्यवस्था और बेहतर बनेगी।
शिव कुमार यादव
स्वास्थ्य अधिकारी
नगर निगम

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