रायगढ़ शहर का विकास ठप — 2011 के बाद अब तक नया मास्टर प्लान नहीं, सरकार की घोर उपेक्षा
रायगढ़ शहर के नागरिकों के लिए यह अत्यंत गंभीर और चिंताजनक विषय है कि वर्ष 2011 के बाद से आज तक शहर के विकास के लिए कोई नया मास्टर प्लान तैयार नहीं किया गया है, जबकि नियमानुसार वर्ष 2021 तक नया मास्टर प्लान लागू हो जाना चाहिए था। यह देरी सीधे-सीधे रायगढ़ शहर के विकास के साथ अन्याय है।
मास्टर प्लान के अभाव में शहर का विस्तार पूरी तरह अव्यवस्थित तरीके से हो रहा है। सड़क, नाली, यातायात व्यवस्था, पेयजल, आवासीय विस्तार, पर्यावरण संरक्षण तथा औद्योगिक क्षेत्र के संतुलित विकास जैसे महत्वपूर्ण विषय पूरी तरह उपेक्षित हैं। इसका खामियाजा सीधे तौर पर रायगढ़ की जनता भुगत रही है।
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार प्रदेश के महत्वपूर्ण शहर रायगढ़ के सुनियोजित विकास को लेकर पूरी तरह उदासीन बनी हुई है। वर्ष 2021 में लागू होने वाला मास्टर प्लान आज तक तैयार नहीं होना सरकार की गंभीर प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। सरकार शहरों के विकास की बजाय अफीम की खेती में व्यस्त दिखाई दे रही है, जबकि रायगढ़ जैसे औद्योगिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर को योजनाबद्ध विकास की सख्त आवश्यकता है।
रायगढ़ की जनता यह जानना चाहती है कि आखिर कब तक शहर बिना मास्टर प्लान के चलता रहेगा? क्या सरकार के पास रायगढ़ के भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट दृष्टि है या नहीं?
अतः हम शासन-प्रशासन से मांग करते हैं कि रायगढ़ शहर के लिए शीघ्र नया मास्टर प्लान तैयार कर तत्काल लागू किया जाए तथा शहर के समग्र विकास के लिए विशेष कार्ययोजना घोषित की जाए। अन्यथा नागरिकों को जनआंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।




