मेरे पति को छोड़ दो फिर कराओ अडानी की रेल लाइन का काम, नहीं हुई रिहाई, खरसिया विधायक नहीं दिए दिखाई


दिन रात 18 घंटे से ज्यादा कोतरा रोड थाने के बाहर ग्रामीण देते रहे धरना, प्रशासन ने गेजामुड़ा चालू कराया काम, विरोध करने वाली महिलाएं भी हुई गिरफ्तार



रायगढ़/ग्रामीण ईधर कोतरा रोड थाने के बाहर धरने पर बैठे रह गए।और जिला प्रशासन ने पुलिस बल के साथ ग्राम गेजामुड़ा पहुंचकर अडानी कंपनी के रेल लाईन कार्य को प्रारंभ करवा दिया गया।जब प्रदर्शनकारी प्रभावितों को मामले की जानकारी मिली तो उनके द्वारा अपनी भूमि और ही गांव पहुंचकर काम रुकवाने जा प्रयास किया गया।जहां पुलिस बल द्वारा उन्हें गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आ रही है।जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं शामिल है।
रातभर थाने के बाहर दिया धरना
गौरतलब हो कि ग्राम गेजामुड़ा में अडानी कमानी की रेल लाइन विस्तार में मुआवजे की मांग को लेकर बीते तीन महीनों से जिला प्रशासन और प्रभावित ग्रामीणों के बीच खींचतान देखने को मिल रही है।पूर्व में भी विरोध जताने वाले तीन ग्रामीणों को अनुविभागीय अधिकारी द्वारा बिना अनुमति के प्रदर्शन को लेकर नोटिस भेजा गया था जहां शनिवार को प्रभावित ग्रामीण ऋषि पटेल को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद मामला गरमा गया।और ग्रामीणों द्वारा गिरफ्तार ग्रामीण की रिहाई की मांग को लेकर कोतरा रोड थाने के सामने ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया।जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शर्मा का उन्हें भरपूर सहयोग मिला।रातभर धरना देने के बाद जब रविवार की दोपहर जिला प्रशासन,प्रभावित और कंपनी प्रबंधन के मध्य त्रिपक्षीय वार्ता की बात पर सहमति बनी तो ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ही इस वार्ता में कंपनी प्रबंधन की भूमिका का निर्वहन कर रहा है। वही जमीन अधिग्रहण के पूर्व प्रभावित के सहमति नहीं लिए जाने की बात भी कही जा रही है।बहरहाल वर्तमान दर पर मुआवजे का मसला एक बार फिर अनसुलझा रह गया है।
नहीं हुई रिहाई, खरसिया विधायक नहीं दिए दिखाई
ग्राम पंचायत गेजामुड़ा के ग्रामीण जिस व्यक्ति की रिहाई को लेकर रातभर से थाने के बाहर धरना प्रदर्शन करने में लगे थे।उसका कोई भी सार्थक परिणाम नहीं निकल सका।उल्टे रविवार को ग्रामीणों के धरना के दौरान जिला प्रशासन की तुम पुलिस दल बल के साथ ग्राम गेजामुड़ा पहुंची।और बड़ी बड़ी जे सी बी मशीनों के सहारे काम शुरू करवा दिया गया।मामले की जानकारी प्रदर्शनकारियों को लगने पर आनन फान में गांव पहुंचे।और बिना मुआवजा के काम शुरू कर देने पर एक बार फिर विरोध जताया गया।जिस पर पुलिस द्वारा ग्रामीण महिलाओं को भी गिरफ्तार कर लिया गया।वही इस दौरान पूर्व मे गिरफ्तार किए गए ऋषि पटेल की धर्मपत्नी ने पुलिस प्रशासन से अपने पति को पहले रिहा कर फिर काम करने अपील की गई।इसे पूरे घटनाक्रम के क्षेत्रीय विधायक उमेश पटेल की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही।जिसे लेकर ग्रामीणों के आक्रोश भी देखने को मिला।जबकि प्रभावित उनके विधानसभा क्षेत्र में ही शामिल है।बावजूद ऐसे संवेदनशील मामले में बड़े जनप्रतिनिधियों की चुप्पी समझ से परे है।




