पुल पर पाइपलाइन का पहरा, ट्रेलर मालिकों पर संकट गहरा, निगम की बेरुखी से गोवर्धनपुर पुल मरम्मत का काम अटका,
रायगढ़/ गोवर्धनपुर स्थित पुल निर्माण में निगम प्रशासन बांध बने अपने पाईप लाईन को सालों बाद भी हटाने नाकाम साबित हुई है।जिसके कारण करोड़ो रुपए स्वीकृति के बावजूद न तो पुल का जीर्णोद्धार हो सका और न ही नया निर्माण हो सका है।जिसका खामियाजा रायगढ़ ट्रेलर कल्याण संघ को भारी नुकसान के रूप में उठाना पड़ रहा है।हालांकि पुल बंद होने की स्थिति में शहर के मुख्य मार्ग से वाहनों की आवाजाही के लिए दिए गए दो घंटे की छूट बीते सप्ताह भर से बंद होने के बाद जहां इन वाहनों द्वारा किए जा रहे माल की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण इनसे संबंधित लगभग आधा दर्जन कंपनियों के उत्पादन पर इसका असर देखने को मिला है।जिसे लेकर कंपनिया पुल मरम्मत कराने आगे तो आई।परन्तु अब भी इसके जीर्णोद्धार को लेकर निगम का पाईप लाइन ही आड़े आ रहा है।जिसे हटाने निगम की कोई दिलचस्पी नजर नहीं आ रही है।
करोड़ो रुपए की स्वीकृति के बाद भी काम अटका
गौरतलब हो कि लगभग सालभर से रायगढ़ ट्रेलर कल्याण संघ द्वारा गोवर्धनपुर स्थित जर्जर पुल के कारण वाहनों की आवाजाही बंद होने से हो रही समस्या को आवेदन के माध्यम जिला प्रशासन का ध्यानाकर्षण करवाया गया।जिस पर लगभग 3 करोड़ रुपए के राशि की स्वीकृति भी मिल गई।परन्तु निगम द्वारा पाईप लाईन न हटाने के कारण निर्माण प्रारंभ ही नहीं हो सका।हालांकि ट्रेलर संघ पाईप लाईन हटाने महापौर से भी मुलाकात कर चुके है।जिसके महीनों बीत जाने उपरांत भी निगम पाईप लाईन हटाने नाकाम ही साबित हुआ।जिसका खामियाजा वाहन मालिक भुगत रहे है।अलबत्ता वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण जहां वाहनों की किस्त जमा करना दूभर हो चला है।वही फाइनेंस कंपनियों द्वारा वाहनों के सीजिंग किए जाने की बात भी बताई जा रही है।बहरहाल अब रायगढ़ ट्रेलर मालिक संघ जिला प्रशासन से ही राहत मिलने के इंतजार में है।
वाहन की कठिन डगर,कम्पनियों के उत्पादन पर पड़ा असर
गोवर्धनपुर स्थित पुल में भारी वाहनों के आवागमन बंद होने के उपरांत वाहन मालिकों को शहर के भीतर से वाहन के जाने की मिली दो घंटे की छूट से थोड़ी राहत तो जरूर थी।परन्तु बीते सप्ताह भर से सुरक्षा की दृष्टि से यातायात विभाग द्वारा भारी वाहनों की आवाजाही पर लगाई गई रोक से जहां इनके रोजगार पर इसका असर देखने को मिला है।वही पुर्वांचल क्षेत्र में स्थित इंडएग्रो, एम एस पी, मां शाकम्बरी,शिव शक्ति प्लांट के उत्पादन पर इसका असर देखने को मिला है।मिली जानकारी के मुताबिक 5 हजार टन का डिस्पैच करने वाली कंपनियों को कच्चे माल अथवा कोयला के अभाव में आधा उत्पादन करना ही मुश्किल पड़ रहा है।हालत ऐसे हो चले है कि अगामी कुछ दिनों तक इन कंपनियों में माल आपूर्ति सुचारू न होने की स्थिति में उत्पादन पर इसका भारी असर पड़ेगा। संभवतः जिसकी भरपाई इन्हें रैंक लगाकर पूरी करनी पड़ सकती है।

कंपनिया कराएंगी पुल मरम्मत,पहले पाईप लाईन हटाने की जरूरत
जिला प्रशासन द्वारा पुराने पुल की मरम्मत में दिलचस्पी न दिखने उपरांत अब उत्पादन पर पड़ रहे प्रभाव के मद्देनजर कंपनियों द्वारा पुल मरम्मत का बीड़ा तो उठा लिया गया।जिसके लिए भोपाल की कंपनी को ठेका सौंपने के उपरांत लोकनिर्माण विभाग से एन ओ सी की प्रकिया भी पूरी कर लिए जाने की बात बताई जा रही है।जिसके उपरांत पुल मरम्मत करने कंपनी द्वारा पुल का निरीक्षण भी किया गया।परन्तु अब भी निगम का पाईप लाईन इस कार्य में बांधा डाल रहा है।परन्तु निगम प्रशासन को ही इसके निर्माण अथवा सुधार में कोई दिलचस्पी नजर नहीं आ रही है।यही कारण है कि कम्पनियों द्वारा पुल मरम्मत का खर्च उठाने तैयार होने के बावजूद भी निगम प्रशासन की बेरुखी समझ से परे है।
वर्शन/ पुल मरम्मत को लेकर पाईप लाईन हटाने को लेकर हो रही असुविधा का समाधान किया जाएगा।
महेश शर्मा
एस डी एम
रायगढ़
वर्शन/ पुल मरम्मत के लिए कम्पनियां तैयार है।नए पुल के निर्माण तक पुल मरम्मत कर कार्य चलाए जाने जिला प्रशासन द्वारा निर्देश दिए गए थे।जिसके लिए कम्पनियां द्वारा भोपाल की कंपनी को ठेका दिया गया है।परन्तु निगम द्वारा पाईप लाईन न हटाए जाने के कारण मरम्मत कार्य भी प्रारंभ नहीं हो सका है।
सुधीर सिंह
अध्यक्ष
रायगढ़ ट्रेलर कल्याण संघ
वर्शन/ पुल लंबे समय से क्षतिग्रस्त है।जिसमें जिला प्रशासन द्वारा भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।वही पूर्व में शहर के मुख्य मार्ग से वाहनों को के जाने के लिए मिली दो घंटे की छूट पर भी यातायात विभाग द्वारा रोक लगा दी गई है।जिसकी वजह से अब वाहन मालिकों पर रोजी रोटी का संकट आन पड़ा है तो वहीं माल आपूर्ति के अभाव में कंपनियों के उत्पादन पर भी इसका असर पड़ा है।
मनोज यादव
कोषाध्यक्ष
रायगढ़ ट्रेलर कल्याण संघ




