Friday, January 16, 2026
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नगरी निकाय बकायदारों के फेहरिस्त में अव्वल

विद्युत विभाग के 146 करोड़ बिजली बिल की वसूली पर बजट का ताला, नगरीय निकाय बकायादारों के फेहरिस्त में अव्वल

रायगढ़/ एक ओर जहां विद्युत विभाग बकायादार उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए लगातार लाइन काटने की कार्रवाई कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जिले के दर्जनों शासकीय विभागों से करोड़ों रुपये की बकाया राशि की वसूली शासन से मिलने वाले बजट के भरोसे अटकी हुई है।जिले में कार्यरत कुल 49 शासकीय विभागों के 7,357 विद्युत कनेक्शनों पर विद्युत विभाग का करीब 146 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। विभाग द्वारा संबंधित कार्यालयों को नोटिस जारी करने की औपचारिकता तो पूरी कर ली गई है, लेकिन भुगतान शासन से आवंटन मिलने के बाद ही संभव हो पाएगा।

नगरीय निकाय सबसे बड़े बकायादार

गौरतोब हो कि विद्युत विभाग के विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो कुल बकाया राशि का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा अकेले नगरीय निकायों का है। नगरीय निकायों पर करीब 103 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार नल जल योजना के अंतर्गत 657 कनेक्शनों पर लगभग 72 करोड़ रुपये, सड़क बत्ती मद में करीब 28 करोड़ रुपये एवं अन्य कनेक्शनों से लगभग 3 करोड़ रुपये की वसूली अभी शेष है।इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित नल-जल योजना के तहत ग्राम पंचायतों को दिए गए कनेक्शनों से भी विद्युत विभाग को लगभग 25 करोड़ 8 लाख रुपये की वसूली करनी है, जो लंबे समय से लंबित है।वहीं विद्युत विभाग के बकायादारों की फेहरिस्त में स्कूल शिक्षा और महिला बाल विकास भी तीसरे और चौथे पायदान पर है।स्कूल शिक्षा विभाग से लगभग 6 करोड़ 12 लाख रुपये महिला एवं बाल विकास विभाग से करीब 2 करोड़ 20 लाख रुपये का बिजली बिल अब तक जमा नहीं हो सका है।

बजट के भरोसे अटकी वसूली

आम उपभोक्ताओं पर सख्ती बरतने वाला विद्युत विभाग शासकीय कार्यालयों के मामले में पूरी तरह शासन से मिलने वाले बजट आवंटन पर निर्भर नजर आ रहा है। घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं से बकाया वसूली के लिए जहां बिना देर किए कनेक्शन काटने जैसी कडी कार्रवाई की जा रही है, वहीं शासकीय विभागों पर करोड़ों रुपये का बकाया होने के बावजूद विभाग महज़ नोटिस जारी कर औपचारिकता निभा रहा है।विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शासकीय कार्यालयों का भुगतान सीधे उनके वार्षिक बजट से किया जाता है। ऐसे में जब तक शासन स्तर से बजट स्वीकृत नहीं होता, तब तक बिजली बिलों का भुगतान संभव नहीं हो पाता। इसी वजह से करोड़ों रुपये की यह बकाया राशि लंबे समय से लंबित बनी हुई है।

वर्शन/सभी बकायादार शासकीय विभागों को बिजली बिल भुगतान के लिए नोटिस भेजा गया है।इन विभागों को बिल भुगतान हेतु शासन से आबंटन प्राप्त होता है।जिसके उपरांत ही उनका बकाया बिल भुगतान संभव है।

आर के राव
कार्यपालन यंत्री
विद्युत विभाग

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