हाईकोर्ट के आदेश के बाद ग्राम पंचायत तमनार को राहत, कार्यों के पुनः संचालन का रास्ता साफ
हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी सौंप पदाधिकारियों ने कलेक्टर से पंचायत के कार्य क्रियान्वयन की रखी मांग
रायगढ़/ भाजपा जिन पंचायतों में काबिज नहीं हो सकी।उसे नगर पंचायत में उन्नयन कर बिना चुनाव प्रक्रिया के ही अपने लोगों को बैठाया जा रहा है।यह आरोप जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष द्वारा प्रदेश शासन पर लगाया गया है।मामला तमनार ग्राम पंचायत के मगर पंचायत में उन्नयन को लेकर है।जिसे गलत ठहराते हुए ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों द्वारा हाईकोर्ट में अपील की गई थी।जिस पर उच्च न्यायालय ने शासन की तमनार को नगर पंचायत बनाए जाने की प्रक्रिया पर अंतरिम आदेश तक रोक लगाते हुए ग्राम पंचायत के हिसाब से तमनार में कार्य संचालन की अनुमति प्रदान की गई।जिसकी लिखित जानकारी आवेदन के माध्यम सरपंच सहित ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर को देते हुए पूर्ववत कार्य संचालन की अनुमति मांगी गई है।
अधिकार बनाम अस्तित्व
गौरतलब हो कि जिले के तमनार क्षेत्र में ग्राम पंचायत के अधिकार और अस्तित्व को लेकर चल रहे विवाद में अब नया मोड़ आ गया है। ग्राम पंचायत तमनार द्वारा कलेक्टर रायगढ़ को दिए गए आवेदन के अनुसार हाईकोर्ट के आदेश उपरांत पंचायत कार्यों के पुनः संचालन का रास्ता साफ नजर आ रहा है। आवेदन में बताया गया है कि ग्राम पंचायत तमनार ने याचिका दायर कर राज्य शासन द्वारा जारी अधिसूचनाओं को चुनौती दी थी। इन अधिसूचनाओं के माध्यम से तमनार और बरमपाली ग्राम पंचायतों का विलय कर नगर पंचायत तमनार का गठन किया गया था।
इसके साथ ही 16 फरवरी 2026 को जारी अधिसूचना के जरिए छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 16(1) के अंतर्गत एक समिति का गठन भी किया गया। पंचायत का आरोप है कि यह कार्रवाई अधिनियम के प्रावधानों के विपरीत है, क्योंकि नई नगर पंचायत के गठन तक ग्राम पंचायत के अधिकार समाप्त नहीं किए जा सकते।मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 25 फरवरी 2026 को अंतरिम आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया कि 16 फरवरी 2026 की अधिसूचना के तहत गठित समिति के प्रभाव और क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक रोक रहेगी। साथ ही याचिकाकर्ता ग्राम पंचायत को अपने कार्यों का संचालन जारी रखने की अनुमति प्रदान की गई है।
पंचायत को मिला प्रशासनिक अधिकार
हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में ग्राम पंचायत तमनार ने स्पष्ट किया है कि वह अपने अधिकार क्षेत्र में पूर्व की तरह प्रशासनिक एवं विकास कार्यों का संचालन जारी रखेगी। पंचायत ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित हो सके।आवेदन के माध्यम से पंचायत ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया जाए, जिससे ग्राम पंचायत के कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए और विकास कार्य सुचारू रूप से चलते रहें।बहरहाल हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश से तमनार क्षेत्र में प्रशासनिक असमंजस की स्थिति फिलहाल समाप्त होती नजर आ रही है। अब देखना लाजमी होगा कि अगली सुनवाई में कोर्ट इस मामले में क्या अंतिम निर्णय देता है। या फिर इस निर्णय के पूर्व ही नगर पंचायत की तर्ज पर कार्य क्रियान्वित कर दिए जाएंगे।




