निगम में नाबालिगों से कराया काम, श्रम विभाग की जांच में सवालिया निशान
प्राथमिक जांच में क्लीनचिट, अब सफाई ठेकेदार से कर्मियों के डेटाबेस की मांग
रायगढ़/ निगम द्वारा बिना टेंडर के सफाई अभियान चलाए जाने और नाबालिगों से काम कराए जाने के मामले को लेकर श्रम विभाग को कम दिलचस्पी नजर आ रही है।यही कारण है कि न तो अब तलक विभाग द्वारा इस संबंध में निगम से कोई जवाब तलब किया जा सका और न ही संबंधित ठेकेदार से कोई जानकारी मांगी गई।वही अब मामले में विभागीय अधिकारियों से सवाल करने पर जांच कराने और ठेकेदार के डेटाबेस की जानकारी मंगाए जाने की बात कही जा रही है।
गौरतलब हो कि लगभग माह भर पूर्व सोशल मीडिया पर कांग्रेस जनप्रतिनिधि द्वारा नाबालिग बच्चों से सफाई कार्य कराए जाने को लेकर खूब हल्ला मचा था।परन्तु गड़बड़ी यही तक नहीं थी।बताया जा रहा है कि शहर को साफ दिखाने और स्वच्छता रैंकिंग में अच्छा प्रदर्शन करने निगम द्वारा संबंधित सफाई ठेकेदार को तीस अतिरिक्त कर्मचारी बढ़ाने का फरमान सुना दिया गया था।अब इसी स्थिति में मरता क्या न करता कि तर्ज पर ठेकेदार द्वारा भी नाबालिगों को इस कार्य में लगाकर 30 कर्मियों की गिनती करा दी गई। न तो निगम के किसी जिम्मेदार ने नाबालिगों के उम्र की जांच करने की जहमत उठाई।और न ही इनके दस्तावेज खंगाले गए।मामले की शिकायत जब श्रम विभाग तक पहुंचा।तब तलक मौके से नाबालिग सफाई कर्मी फरार हो चुके थे।बहरहाल 20 दिनों से अधिक हो चुके इस घटना के बाद मानो श्रम विभाग महज औपचारिकता पूरी करने में लगा है।तो क्या विभाग के ऐसे जिम्मेदार अधिकारियों से श्रम कानून का कड़ाई से पालन कराए जाने की उम्मीद जताई जा सकती है।
श्रम विभाग की नहीं दिलचस्पी
यदि श्रम विभाग इस मामले को लेकर गंभीर होता तो अब तक निगम और संबंधित ठेकेदार से सफाईकर्मियों की पूरी जानकारी मंगाई जा चुकी होती। लेकिन विभाग प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार की खामी न मिलने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता नजर आया।विभाग की माने तो 14 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे कार्य कर सकते है।वही अब अधिकारियों से मामले में सवाल-जवाब किए जाने के बाद अब विभाग द्वारा ठेकेदार से सफाईकर्मियों का पूरा डेटाबेस मंगाने की बात कही जा रही है।
वर्शन/ प्रारंभिक जांच में कोई खामी नहीं मिली थी।ठेकेदार से सफाईकर्मियों का डेटाबेस मंगाया जाएगा।
घनश्याम पाणिग्रही
जिला श्रमायुक्त




