सालभर में खनिज विभाग ने बनाए 344 प्रकरण, 1 करोड़ 16 लाख की वसूली
अवैध परिवहन सबसे बड़ी चुनौती, अवैध भंडारण के महज 5 प्रकरण
रायगढ़/ जिले में अवैध खनन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के मामलों में कुल 344 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनसे शासन को 1 करोड़ 16 लाख 98 हजार 687 रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई है।हालांकि इस पूरी कार्यवाही में अवैध भंडारण को लेकर विभागीय कार्यवाही में थोड़ी सुस्ती देखने को मिली है।
गौरतलब हो कि जिला खनिज विभाग की इस कार्रवाई में सबसे अधिक मामले अवैध परिवहन के सामने आए हैं। विभाग की टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण और जांच अभियान चलाकर इन मामलों में चालानी कार्रवाई की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार सालभर में अवैध उत्खनन के 23 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनसे 26 लाख 65 हजार 390 रुपये की राशि वसूली गई। वहीं अवैध परिवहन के सबसे अधिक 316 प्रकरण सामने आए, जिनमें 63 लाख 42 हजार 297 रुपये की वसूली की गई। इसके अलावा अवैध भंडारण के 5 मामलों में 26 लाख 91 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया।
खनिज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में रेत, गिट्टी, पत्थर और अन्य खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। कई स्थानों पर संयुक्त टीमों के साथ औचक निरीक्षण भी किए गए, जिससे अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने में मदद मिली है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि कार्रवाई के साथ-साथ निगरानी तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है। कई क्षेत्रों में अभी भी अवैध परिवहन की शिकायतें मिलती रहती हैं।
सबसे ज्यादा मामले अवैध परिवहन के
खनिज विभाग के आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले में अवैध परिवहन के मामले सबसे अधिक सामने आए हैं। कुल 414 कार्रवाइयों में से 316 मामले अवैध परिवहन से जुड़े हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि खनिजों का अवैध परिवहन जिले में एक बड़ी समस्या बना हुआ है।वर्तमान में भी अवैध रेत परिवहन के प्रकरण देखने को मिले है।जहां कार्यवाही के बावजूद भी रेत का अवैध कारोबार जारी नजर आता है।
अवैध भंडारण की अनदेखी
बड़े आश्चर्य की बात है कि जिला खनिज विभाग द्वारा जहां अवैध उत्खनन,और परिवहन को लेकर जितनी तत्परता दिखाई है।विभाग की उतनी दिलचस्पी अवैध भंडारण को लेकर देखने को नहीं मिली।यही कारण है कि सालभर में महज 5 कार्यवाही ही इस मामले में देखने को मिले है।जबकि जिले में स्थिति इसके उलट देखने की मिलती है।जहां शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में भी रेत भंडारण आसानी से देखने को मिल जाता है।




