लोचन नगर मटन मार्केट हटाने ए बी व्ही पी का प्रदर्शन

कार्यवाही नहीं तो करेंगे आंदोलन,आयुक्त को ज्ञापन सौंप रखी मांग

सुभाष चौक मार्ग पर लगा जाम

रायगढ़/ शहर के लोचन नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के पास संचालित मटन मार्केट को हटाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। इस संबंध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों एवं विद्यार्थियों ने निगमायुक्त को आवेदन सौंपकर स्कूल के पास से मटन मार्केट को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है।जिस पर निगमायुक्त द्वारा नियमानुसार कार्यवाही करते हुए प्रस्ताव एम आई सी की बैठक में रखने की बात कही गई है।
गौरतलब हो कि विद्यार्थी संगठन द्वारा सौंपे गए आवेदन में बताया गया है कि लोचन नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल के समीप मटन मार्केट संचालित होने के कारण स्कूल परिसर का वातावरण प्रभावित हो रहा है। आरोप है कि मटन मार्केट में आने वाले लोग अक्सर मटन के टुकड़े और अन्य अपशिष्ट स्कूल परिसर की ओर फेंक देते हैं, जिससे परिसर में गंदगी और बदबू फैल जाती है। इसके कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।विद्यार्थियों और संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि स्कूल के आसपास इस तरह की गतिविधियों से बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मटन मार्केट को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करना चाहिए।बताया गया कि इस समस्या को लेकर स्कूली बच्चों द्वारा पहले भी प्रशासन को आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण एक बार फिर आवेदन देकर प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया गया है।
मुख्य मार्ग पर लगा जाम, विवाद की स्थिति बनी
इस मुद्दे को लेकर छात्रों और द्वारा विरोध जताया गया,जहां छात्र निगम के मुख्य द्वारा पर निगमायुक्त को बुलाने पर अड़े रहे। जिसके कारण सुभाष चौक मुख्य मार्ग लगभग घंटे भर से अधिक जाम रहा। राहगीरों को रोकने को लेकर विवाद की स्थिति भी निर्मित हो गई थी। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस जवानों ने समझाइश देकर स्थिति को संभाल लिया और यातायात को सामान्य कराया।
कार्यवाही नहीं तो होगा आंदोलन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं प्रशासन से उम्मीद जताई जा रही है कि बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जल्द उचित निर्णय लिया जाएगा।




