पुसौर नगर पंचायत बना अनियमितताओं का गढ़, अधिकारी बने अनजान
विकास कार्यों में राशि का बंदरबाट, बिना काम के ठेकेदार को किया भुगतान
रायगढ़/ जिले के पुसौर नगर पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं। कागजों में लाखों रुपये के विकास कार्य पूरे दिखाए जा रहे हैं, लेकिन जमीन पर उनकी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना काम कराए ही फर्जी दस्तावेजों के सहारे भुगतान कर दिया गया है।इस पूरे मामले में नगर पंचायत के अधिकारी जांच कर प्रतिवेदन उच्च अधिकारियों को सौंपने की बात कही जा रही है।बहरहाल देखना लाजमी होगा कि क्या अब इस गड़बड़ी में दोषियों पर कोई कार्यवाही होगी।या फिर लापरवाही बरती जाएगी।
गौरतलब हो कि पूरा मामला पुसौर नगर पंचायत का है।
जिसके बोरोडीपा से बाजार चौक मार्ग में रिकॉर्ड अनुसार एलईडी लाइट और इलेक्ट्रिक पोल लगाने का कार्य पूर्ण बताया गया है। दस्तावेजों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2022-23 में इस कार्य के लिए करीब 16 लाख रुपये का भुगतान ठेकेदार को कर दिया गया। लेकिन जब मौके पर स्थिति देखी गई तो वहां दूर-दूर तक नए पोल या एलईडी लाइट नजर नहीं आए। सड़क किनारे सिर्फ पुराने बिजली के खंभे ही दिखाई देते हैं।ऐसे में यह बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि जब मौके पर काम हुआ ही नहीं, तो आखिर 16 लाख रुपये का भुगतान किस आधार पर किया गया। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पंचायत में कागजी कार्यवाही पूरी कर फर्जी तरीके से भुगतान निकालने का खेल लंबे समय से चल रहा है।यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले वार्ड क्रमांक 14 और वार्ड क्रमांक 2 में नाली निर्माण के नाम पर भी लाखों रुपये की अनियमितता के आरोप सामने आ चुके हैं। आरोप है कि बिना निर्माण कार्य किए ही फर्जी बिल, फर्जी माप पुस्तिका और दस्तावेज तैयार कर भुगतान निकाल लिया गया।बताया जा रहा कि पूर्व में हुए कई कथित निर्माण कार्यों का भुगतान भी एक ही ठेकेदार को किया गया है। इससे पूरे मामले में मिलीभगत की आशंका और गहरा रही है। नगर पंचायत उनसे नियमित रूप से टैक्स वसूलती है, लेकिन बदले में मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं करा पा रही है।


आधा दर्जन मामले सामने
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस तरह के लगभग आधा दर्जन मामले सामने आने के बावजूद अब तक जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतें जिला प्रशासन तक भी पहुंच चुकी हैं और कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी को भी इस पूरे मामले से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट कार्रवाई सामने नहीं आई है।अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होती है या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।
रिकॉर्ड में लाइट और पोल, मौके पर सिर्फ पुराने खंभे
पुसौर के बोरोडीपा से बाजार चौक मार्ग में एलईडी लाइट और इलेक्ट्रिक पोल लगाने का कार्य कागजों में पूरा दिखाया गया है। इसके लिए करीब 16 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया। लेकिन मौके पर स्थिति यह है कि वहां नए पोल या एलईडी लाइट दिखाई ही नहीं देते, बल्कि केवल पुराने बिजली के खंभे मौजूद हैं।
पहले भी सामने आ चुके हैं कई मामले
नगर पंचायत में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले वार्ड 14 और वार्ड 2 में नाली निर्माण के नाम पर भी लाखों रुपये निकालने के आरोप लग चुके हैं। आरोप है कि फर्जी बिल और दस्तावेजों के आधार पर भुगतान किया गया।
वर्शन/ उस दौरान तीन टेंडर निकाले गए थे।तीनो की जांच की जा रही है।पुसौर के बोरोडीपा चौक में पोल और लाइटें नहीं लगाई गई।जांच कर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपेंगे।उनके निर्देशानुसार दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी।
ललित कुमार साहू
सी एम ओ
पुसौर




