फिंगरप्रिंट फेल, हजारों गरीब परिवारों की रसोई संकट में, ई-केवाईसी अधूरी, कुष्ठ रोगी और दिव्यांग सबसे ज्यादा प्रभावित
चेहरा प्रमाणीकरण के भरोसे खाद्य सुरक्षा योजना, अब भी 67 हजार बाहर
रायगढ़/ जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशनकार्डधारियों का ई-केवाईसी अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। जिले के कुल 3 लाख 37 हजार 807 राशनकार्डधारियों में से अब तक 67 हजार 700 हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूरा नहीं हो पाया है। इनमें हजारों ऐसे सदस्य शामिल हैं, जिनका फिंगरप्रिंट काम नहीं कर पाने की वजह से प्रक्रिया अटक गई है।
प्रशासन के अनुसार, फिंगरप्रिंट से प्रमाणीकरण में असफल रहने वाले हितग्राहियों में बच्चे, बुजुर्ग और दिव्यांगजन बड़ी संख्या में हैं। ऐसे सभी सदस्यों की अलग से सूची तैयार की जा रही है, जिसके आधार पर शासन द्वारा चेहरा प्रमाणीकरण (फेस ऑथेंटिकेशन) सहित अन्य स्वीकृत वैकल्पिक प्रक्रियाओं के जरिए उनका ई-केवाईसी पूरा कराया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, संबंधित हितग्राहियों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ दोबारा मिलना शुरू हो जाएगा।
हालांकि फिलहाल ई-केवाईसी पूरा न होने के कारण हजारों हितग्राहियों को राशन सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों की परेशानी बढ़ गई है।
कुष्ठ रोगियों की परेशानी बनी गंभीर मुद्दा
गौरतलब है कि जिले में 5 हजार 558 राशनकार्डधारी ऐसे हैं, जिनका फिंगरप्रिंट लिया जाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। इनमें कुष्ठ रोग से पीड़ित हितग्राही बड़ी संख्या में शामिल हैं। दिसंबर माह में इनमें से 2 हजार 88 हितग्राहियों ने नॉमिनी के माध्यम से राशन उठाव किया, जबकि 298 हितग्राहियों ने स्वयं उपस्थित होकर राशन प्राप्त किया।इसके बावजूद वर्तमान में साढ़े तीन हजार से अधिक ऐसे हितग्राही हैं, जिन्हें फिंगरप्रिंट और नॉमिनी दोनों के अभाव में खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इससे स्पष्ट है कि वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में सबसे अधिक नुकसान गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंदों को उठाना पड़ रहा है।
वैकल्पिक केवाईसी से मिलेगी राहत
खाद्य विभाग का कहना है कि शासन के निर्देशानुसार अब फिंगरप्रिंट के बजाय चेहरे से प्रमाणीकरण और अन्य विकल्पों के जरिए ई-केवाईसी पूरी कराई जाएगी, ताकि किसी भी पात्र हितग्राही को राशन से वंचित न होना पड़े। प्रशासन का दावा है कि सूची तैयार होते ही विशेष शिविरों के माध्यम से यह प्रक्रिया तेज की जाएगी।बहरहाल, जब तक ई-केवाईसी की वैकल्पिक प्रक्रिया धरातल पर पूरी तरह लागू नहीं होती, तब तक जिले के हजारों गरीब परिवारों की रसोई पर संकट बना हुआ है। में बच्चे, बुजुर्ग और दिव्यांगजन बड़ी संख्या में हैं। ऐसे सभी सदस्यों की अलग से सूची तैयार की जा रही है, जिसके आधार पर शासन द्वारा चेहरा प्रमाणीकरण (फेस ऑथेंटिकेशन) सहित अन्य स्वीकृत वैकल्पिक प्रक्रियाओं के जरिए उनका ई-केवाईसी पूरा कराया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, संबंधित हितग्राहियों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ दोबारा मिलना शुरू हो जाएगा।
67 हजार से अधिक उपभोक्ताओं का राशन बंद
गौरतलब हो कि ई-केवाईसी पूरा न होने के कारण 67 हजार से अधिक हितग्राहियों को राशन सुविधा से वंचित होना पड़ रहा है, जिससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों की परेशानी बढ़ गई है।हालांकि जिला प्रशासन द्वारा लगातार सुविधाएं प्रदान कर उपभोक्ताओं को ई के वाई सी पूरा करवाने घर पहुंच सेवा उपबल्ध कराई गई थी बावजूद इसके अब भी हजारों की संख्या में कार्डधारियों ने इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया।वही अब ऐसे हितग्राहियों को खाद्यान्न योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया है।देखना लाजमी होगा कि शासन प्रशासन की इस सख्ती के बाद क्या योजना शत प्रतिशत अपना लक्ष्य की ओर कर सकेगा।
वर्शन/नॉमिनी कार्डधारियों के आंकड़े शासन प्रशासन को भेजा जा रहा है।इनमें दिव्यांग ,कृष्ठ रोगी भी शामिल है।सभी को के वाई सी करवाना आवश्यक है।प्रक्रिया पूरी न करने की स्थिति में खाद्यान्न योजना की पात्रता बंद कर दी जाएगी।
चितरंजन सिंह
जिला खाद्य अधिकारी




