टंकी बनी, पाइपलाइन बिछी, फिर भी प्यासे रह गए ग्रामीण

पुसौर ब्लॉक के ठेंगापाली में जल जीवन मिशन की टंकी तीन साल से बनी शोपीस
रायगढ़ – ग्रामीण अंचलों में घर घर तक सुचारू रूप से पेयजल मुहैया कराने को लेकर शासन द्वारा जल जीवन मिशन का क्रियान्वयन किया जा रहा है।परन्तु उचित दिशा निर्देशन के अभाव ठेकेदारों की मनमानी और जिम्मेदार अधिकारियों की बेरुखी से कई ग्रामों में योजना पूरी होने के सालों बाद भी पानी नहीं पहुंच सका है।जिनमें से पुसौर अंचल अंतर्गत ग्राम पंचायत रेंगालपाली का आश्रित ग्राम ठेंगापाली है।जहां टंकी निर्माण एवं पाईप लाइन विस्तार के कार्य को लगभग तीन वर्षों का समय तो बीत चुका।परन्तु यहां के ग्रामीणों के घर में पानी की एक बूंद नहीं पहुंच सकी।मजबूरन अन्य साधनों से पेयजल की आपूर्ति के लिए इन्हें जूझना पड़ रहा है।
गौरतलब हो कि रायगढ़ जिले के पुसौर विकासखंड के ग्राम पंचायत रेंगालपाली के आश्रित ग्राम ठेंगापाली में जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2022-23 में गांव में पानी की टंकी और पाइपलाइन का निर्माण कराया गया था। योजना का उद्देश्य गांव के हर घर तक नल से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना था, लेकिन योजना यहां अधूरी और बेअसर साबित हो रही है। लाखों रुपए खर्च कर पानी की टंकी तो बना दी गई, लेकिन आज तक ग्रामीणों के घरों तक पानी नहीं पहुंच पाया है। नल लगे हैं, पाइपलाइन भी बिछी है, पर पानी की एक बूंद के लिए लोग तरस रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि टंकी बने काफी समय हो चुका है, लेकिन आज तक घरों में पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। नलों में पानी नहीं आने के कारण ग्रामीणों को आज भी दूसरे मध्यमों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य पूरा हुए तीन साल हो चूका है इसके बाद भी योजना का संचालन शुरू नहीं किया गया। वहां खोदा गया बोर भी अब नीचे धस गया है कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों को इसकी शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
सरपंच के शिकायती पत्र पर नहीं दिया ध्यान
गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पानी की सप्लाई शुरू कराई जाए ताकि उन्हें स्वच्छ पेयजल मिल सके और योजना का वास्तविक लाभ गांव तक पहुंच सके। इस इस संबंध में पंचायत के सरपंच सुमति चौहान के द्वारा संबंधित विभाग को पत्र लिख संस्था से अवगत कराया गया। बावजूद इसके विभाग की ओर से कोई सहायता नहीं मिल पा रही है ऐसे में उनकी समस्याएं पिछले तीन सालों से जस की तस बनी हुई है।अब विभागीय अधिकारियों का यही रवैया जहां लोगों की पेयजल समस्या में बढ़ोतरी कर रहा है।बल्कि ग्राम पंचायतों से आ रही शिकायतों की अनदेखी कर शासन की महत्वाकांक्षी योजना पर भी बट्टा लगाए जाने का कार्य किया जा रहा है।
पी एच ई विभाग उदासीन
रायगढ़ जिले के कई गावों में ऐसे मामले सामने आए हैं जहां जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन और नल तो लगा दिए गए, लेकिन पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई। कई जगह तकनीकी खामियों या अधूरे कार्य के कारण गांवों में नलों से पानी नहीं पहुंच रहा है। बड़े आश्चर्य की बात है कि पी एच ई के प्रमुख अधिकारी को ही अपने जिले में सूखे हैंड पंप और बोर के स्थिति की जानकारी ही नहीं है।या दूसरे शब्दों में कहे कि जिले में खराब हालत होने की वजह से जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती। ऐसी स्थिति में जलजीवन मिशन के सही क्रियान्वयन की उम्मीद करना भी बेमानी होगी।फिलहाल सवाल यह है कि जब सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर गांवों में पानी की टंकियां और पाइपलाइन बनवा रही है, तो आखिर इन योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक क्यों नहीं पहुंच पा रहा। ठेंगापाली गांव में बनी यह पानी की टंकी अब ग्रामीणों के लिए सिर्फ एक शोपीस बनकर रह गई है।




