Tuesday, March 17, 2026
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ग्राम धनागर की भूमि गाइडलाइन दरों पर उठे सवाल

ग्राम धनागर की भूमि गाइडलाइन दरों पर उठे सवाल, पुनर्विलोकन की मांग को लेकर प्रभावितों ने कलेक्टर को सौंपा आवेदन, दो गांव के बीच राशि में 10 गुना का अंतर, फसल आधारित भूमि का नहीं हुआ मूल्यांकन

रायगढ़/ जिले के ग्राम धनागर की भूमि गाइडलाइन दरों को लेकर ग्रामीणों और किसानों ने आपत्ति जताते हुए पुनरावलोकन की मांग रखी है। इस संबंध में ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर बताया है कि वर्तमान में निर्धारित गाइडलाइन दरें तर्कसंगत नहीं हैं, जिससे ग्रामवासियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
आवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम धनागर और ग्राम बरसूड की दूरी महज एक मेढ़ की है, लेकिन दोनों गांवों की गाइडलाइन दरों में भारी अंतर है।जिसे ग्रामीणों द्वारा विसंगति पूर्ण बताते हुए संशोधन करने लिखित आवेदन सौपा है।

दो गांव के बीच राशि में 10 गुना का अंतर

ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम सौंपे गए आवेदन में बताया है कि जहां ग्राम धनागर में जमीन की गाइडलाइन दर 920 रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित है, वहीं ग्राम बरमूडा में यह दर 9000 रुपये प्रति वर्ग मीटर है। दोनों गांवों की नजदीकी के बावजूद लगभग 9.78 गुना का यह अंतर ग्रामीणों के अनुसार पूरी तरह अनुचित और विसंगतिपूर्ण है।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि आसपास के ग्राम जोरापाली, कलमी, कोसमनारा और संगीताराई जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में भी कुछ विशेष भूमि के लिए 15 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर तक की गाइडलाइन दर निर्धारित की गई है। इसके विपरीत ग्राम धनागर की हाईवे से लगी जमीन की दर काफी कम तय की गई है, जबकि वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 7 लाख रुपये प्रति डिसमिल बताया जा रहा है। ऐसे में निर्धारित गाइडलाइन दरें वास्तविक बाजार मूल्य से काफी कम हैं, जिससे किसानों को नुकसान हो रहा है।आवेदन में बताया गया कि ग्राम धनागर की कृषि भूमि की दरों में भी उतनी वृद्धि नहीं की गई, जितनी आसपास के ग्रामों में की गई है। पहले ग्राम धनागर को “विशेष ग्राम” की श्रेणी में रखा गया था, जिससे इसका मूल्यांकन नगर और ग्रामीण क्षेत्र के मध्य किया जाता था। लेकिन वर्तमान में यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है, जिससे यहां की जमीनों का मूल्यांकन प्रभावित हुआ है।

फसल आधारित भूमि का नहीं हुआ मूल्यांकन

इसके अलावा किसानों ने यह भी उल्लेख किया है कि पूर्व में जहां फसल आधारित श्रेणी के हिसाब से भूमि का मूल्यांकन किया जाता था, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। इससे भी किसानों के हित प्रभावित हुए हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम धनागर की गाइडलाइन दरों का पुनर्विलोकन कर उन्हें वास्तविक बाजार मूल्य के अनुरूप तय किया जाए। उनका कहना है कि हाईवे से लगी भूमि की न्यूनतम दर 7 लाख रुपये प्रति डिसमिल तथा अन्य मार्गों से लगी भूमि की दर कम से कम 2 लाख रुपये प्रति डिसमिल निर्धारित की जानी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि गाइडलाइन दरों में युक्तिसंगत संशोधन नहीं किया गया तो भविष्य में किसानों को भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के मामलों में भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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