शहर में खुले वाहनों से कचरा परिवहन बना समस्या, स्वास्थ्य व पर्यावरण दोनों पर खतरा
रायगढ़/ शहर में कचरा उठाव और उसके परिवहन को लेकर नगर निगम के सफाई विभाग की लापरवाही एक बार फिर सामने आ रही है। जहां एक ओर कई वार्डों में कचरे का ढेर सार्वजनिक स्थानों पर जमा नजर आता है, वहीं दूसरी ओर खुले वाहनों के माध्यम से कचरा परिवहन किया जा रहा है। यह स्थिति न केवल स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा बनती जा रही है।
आमजन की परेशानी का कारण
गौरतलब हो कि निगम के सफाई विभाग द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम बिना ढके कचरे को शहर के भीतर से गुजारा जा रहा है। इससे रास्ते भर कचरा गिरता है, दुर्गंध फैलती है और सड़कें गंदी हो रही हैं। उड़ते प्लास्टिक, गीला कचरा और धूल-मिट्टी मिलकर संक्रमण का कारण बन सकते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और आसपास रहने वाले लोगों को हो रही है। कुछ वर्ष पूर्व खुले में कचरा परिवहन पर पाबंदी लगाने के उद्देश्य से ऐसे वाहन चालकों पर जुर्माने की कार्रवाई की जा रही थी। उस दौरान व्यवस्था में कुछ हद तक सुधार भी देखने को मिला था। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ढिलाई और नियमित निगरानी के अभाव में अब यह व्यवस्था फिर से ठप पड़ती नजर आ रही है।
खुले में कचरा परिवहन से होने वाले नुकसान
विदित हो कि कचरे से निकलने वाली दुर्गंध और जीवाणुओं से संक्रामक बीमारियों का खतरा होने के साथ ही प्लास्टिक व हल्का कचरा उड़कर नालियों में जाने से जल निकासी बाधित करता है।तो वही मुख्य मार्ग पर भी इनके गिरने से गंदगी फैलने की संभावना बनी रहती है। जरूरत है कि नगर निगम द्वारा कचरा परिवहन के लिए ढंके हुए वाहन अनिवार्य किए जाएं, नियमित निरीक्षण हो और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर पुनः सख्त जुर्माना लगाया जाए।




