Monday, March 2, 2026
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ताले में शौचालय, नो-पार्किंग में वाहन

ताले में शौचालय, नो-पार्किंग में वाहन, रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्था यात्री बेहाल

ए-ग्रेड का तमगा, जमीनी हकीकत बदहाल

रायगढ़/—ए ग्रेड का दर्जा प्राप्त रायगढ़ रेलवे स्टेशन जमीनी हकीकत में यात्री सुविधाओं के मामले में गंभीर अव्यवस्थाओं से जूझता नजर आ रहा है। स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेटफार्म नंबर 2 में बनाए गए सुलभ शौचालय अधिकांश समय बंद पड़े दिखाई दे रहे हैं, जिससे खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि प्लेटफार्म पर बने शौचालयों के दरवाजों पर ताले लटके हैं, जबकि प्रतिदिन हजारों यात्री स्टेशन से आवागमन करते हैं।

नो पार्किंग जोन बना अवैध पार्किंग स्थल

गौरतलब हो कि स्टेशन मुख्य द्वार के बाहर रेलवे परिसर में स्पष्ट रूप से “नो पार्किंग जोन” घोषित किए जाने के बावजूद नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्टेशन के मुख्य प्रवेश मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में दोपहिया वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। हालात ऐसे हैं कि यात्रियों को पैदल चलने तक में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति रेलवे प्रशासन की लचर निगरानी और नियमों के प्रति उदासीनता को उजागर करती है।स्टेशन परिसर में बेतरतीब पड़े केबल, निर्माण सामग्री और गंदगी सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा पैदा कर रही है। प्लेटफार्म के समीप खुले में पड़े तार और मलबा किसी भी समय हादसे का कारण बन सकते हैं। वहीं, शौचालय बंद होने के कारण यात्री मजबूरी में खुले में जाने को विवश हैं, जिससे स्वच्छता अभियान पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

पार्किंग व्यवस्था का अभाव

विदित हो कि निर्धारित पार्किंग स्थल की समुचित व्यवस्था न होने से लोग नो पार्किंग जोन में ही वाहन खड़े करने को मजबूर हैं। इससे न केवल यातायात बाधित होता है, बल्कि आपात स्थिति में एंबुलेंस या अन्य आवश्यक वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है।बताना लाजमी होगा कि रायगढ़ रेलवे स्टेशन में इन दिनों विभिन्न निर्माण कार्य प्रगति पर हैं, लेकिन इन कार्यों के चलते यात्रियों की सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। निर्माण कार्यों के मद्देनजर स्टेशन के पुराने टिकट काउंटर को फिलहाल बंद रखा गया है। वहीं, वैकल्पिक रूप से बनाए गए टिकट काउंटरों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को लंबी कतारों में खड़ा होकर टिकट लेना पड़ रहा है।वर्तमान व्यवस्था में अनारक्षित टिकट के लिए सीमित काउंटर संचालित किए जा रहे हैं। सुबह और शाम के व्यस्त समय में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जब यात्रियों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। कई बार ट्रेन के प्रस्थान समय के नजदीक होने के कारण यात्रियों को जल्दबाजी में टिकट लेने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है।

डिजिटल सुविधा, पर जानकारी का अभाव

हालांकि रेलवे द्वारा स्कैनर और ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) अथवा यूटीएस ऐप के माध्यम से टिकट लेने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, लेकिन पर्याप्त जानकारी और मार्गदर्शन के अभाव में बड़ी संख्या में यात्री इन सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। खासकर बुजुर्ग यात्री, ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोग और पहली बार यात्रा करने वाले यात्री डिजिटल प्रणाली से अनजान होने के कारण पारंपरिक काउंटरों पर ही निर्भर हैं।स्टेशन परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों के चलते आवागमन के रास्ते भी सीमित हो गए हैं, जिससे टिकट काउंटर क्षेत्र में भीड़ और अधिक बढ़ रही है। जगह की कमी और अव्यवस्थित कतारों के कारण कई बार यात्रियों में आपसी बहस की स्थिति भी बन जाती है।रेलवे द्वारा समय-समय पर यात्री सुविधाओं के उन्नयन के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन रायगढ़ स्टेशन की वर्तमान स्थिति इन दावों की पोल खोलती नजर आती है।

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