नए गाइडलाइन से फीका पड़ा रियल एस्टेट कारोबार, गिरा जमीनों का पंजीयन,10 दिन में महज 44 रजिस्ट्री
रजिस्ट्री थमी एक हफ्ते में 80 प्रतिशत तक गिरा जमीनों का पंजीयन
रायगढ़। जमीन की नई कलेक्टर गाइडलाइन दर लागू होने के बाद प्रदेश के साथ रायगढ़ में भी रजिस्ट्री का कारोबार फीका पड़ गया है। परिणाम, पंजीयन दफ्तरों में रजिस्ट्री लगभग थम-सी गई है। विभागीय आंकड़े बताते हैं कि पिछले 10 दिन में पंजीयन में करीब 70 प्रतिशत तक की गिरावट के साथ केवल 44 पंजीकृत हुए है।
गौरतलब हो कि शहर के गली मोहल्ले से लेकर मुख्य मार्ग के भूमि की कीमत नए कलेक्टर दर शासन ने लागू की है।
शहरी क्षेत्रों में 20 से 40 प्रतिशत और ग्रामीण इलाकों में 50 से 200 प्रतिशत तक गाइडलाइन बढ़ने का सीधा असर यह हुआ कि रजिस्ट्री के लिए स्टांप व पंजीयन शुल्क चार से पांच गुना तक बढ़ गया है। वही इस बढ़े हुए रेट के बीच यानी
20 से 30 नवंबर के बीच रायगढ़ में कुल 44 रजिस्ट्री हुईं, औसतन हर दिन सिर्फ औसतन 5 दस्तावेजों का पंजीयन कार्यालयीन दिवस में हुआ। आंकड़ों के अनुसार नई गाइडलाइन लागू होने से पहले यह संख्या प्रतिदिन औसतन 9 से अधिक रहती थी। रजिस्ट्री की संख्या में यह गिरावट सीधे तौर पर नई गाइडलाइन लागू होने के बाद बढ़ी सावधानी और दस्तावेजों की अतिरिक्त जांच प्रक्रिया को माना जा रहा है। बहरहाल कीमत बढ़ने से लोगों के पहुच से उनके सपने का आशियाना दूर हो रहा है, उन्हें सपने को पूरा करने के लिए जमीन से अधिक कीमत रजिस्ट्री में चुकता करना पड़ रहा है इससे रजिस्ट्री के साथ जमीन खरीद- बिक्री रीयल एस्टेट कारोबार और कारोबारी का कार्य थम गया है। इसका असर सरकारी खजाने के राजस्व में पड़ रहा है।
रजिस्ट्री संपत्तियों की खरीद-फरोख्त ठहरी
बीते एक सप्ताह में अधिकांश शासकीय प्रोजेक्ट के मकानों और फ्लैट की रजिस्ट्री हुई है। नई गाइडलाइन दरों के विरोध के बीच सरकारी आवासीय प्रोजेक्ट ही बाजार में टिके हैं, जबकि निजी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त लगभग ठहर गई है। इसी लेकर रियल एस्टेट के कारोबारी व्यापार को लेकर चिंतित नजर आ रहा है। यही वजह है कि वे लगातार विरोध भी कर रहे हैं।
फेक्ट फाइल
अक्टूबर 2025 में 270 रजिस्ट्री
नवंबर 2025 में 244 रजिस्ट्री
नए गाइडलाइन के बाद 20 से 30 नवंबर में 44 रजिस्ट्री
वर्जन
नए गाइडलाइन के बाद 20 से 30 नवंबर तक 44 रजिस्ट्री हुई है।
तनोज कुमार कुमार भूआर्य, मु उप पंजीयक




