श्याम भोजवानी का बीजेपी निष्कासन पर बड़ा
बयानजूदेव जी के नाम का दुरुपयोग कर राजनीति चमका रहे कुछ नेता
मेरे खिलाफ कोई प्रमाण नहीं, मेरे निष्कासन की हो जांच

घरघोड़ा: घरघोड़ा वार्ड-2 के पार्षद श्याम भोजवानी, जिन्हें हाल ही में बीजेपी से निष्कासित कर दिया गया, ने इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय बड़े नेता अपनी नाकामी छुपाने के लिए न सिर्फ उन्हें बलि का बकरा बना रहे हैं, बल्कि जबरन जूदेव जी के नाम का दुरुपयोग कर अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं।
“मेरे खिलाफ कोई प्रमाण नहीं”
श्याम भोजवानी ने कहा, “मेरे द्वारा क्रॉस वोटिंग किए जाने के कोई प्रमाण नहीं हैं, न ही मैंने पार्टी के खिलाफ कोई कार्य किया है। लेकिन कुछ नेता निजी स्वार्थ में मुझे फंसाकर प्रदेश नेतृत्व को गुमराह कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि पार्टी के कुछ नेता अपनी विफलता का ठीकरा उनके सिर पर फोड़कर “झूठे आरोपों के जरिए मुझे बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं।”
“जूदेव जी के नाम का हो रहा गलत इस्तेमाल”
भोजवानी ने खास तौर पर इस बात पर नाराजगी जताई कि “कुछ नेता जूदेव जी का नाम बेवजह घसीटकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने में लगे हैं। यह न सिर्फ पार्टी अनुशासन के खिलाफ है, बल्कि जूदेव जी की छवि को धूमिल करने की साजिश भी है।” उन्होंने कहा कि प्रदेश नेतृत्व को “इस तरह की ओछी राजनीति करने वालों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नाम का दुरुपयोग न हो।”
“मेरे निष्कासन की हो जांच”
भोजवानी ने प्रदेश नेतृत्व से अपील की कि उनके निष्कासन की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा, “मैं शुरू से बीजेपी के सिद्धांतों और रीति-नीति के साथ काम करता आया हूँ। लेकिन बिना किसी प्रमाण के लिया गया यह फैसला बेहद निराशाजनक है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तो यह साफ हो जाएगा कि कुछ नेता न सिर्फ निर्दोष कार्यकर्ताओं को बलि का बकरा बना रहे हैं, बल्कि “जूदेव जी जैसे वरिष्ठ नेता के नाम का दुरुपयोग कर गंदी राजनीति भी कर रहे हैं।” भोजवानी ने मांग की कि उनके निष्कासन को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और “असल साजिशकर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई हो।”




