पुरानी हटरी डबल मर्डर कर भाग रहे 3 आरोपी झाँसी में पकड़े गए, चोरी के नियत से घुसे थे
गोण्डवाना एक्सप्रेस से दिल्ली जाते समय आरपीएफ ने किया गिरफ्तार
मकर संक्रान्ति के एक दिन पहले घर में घुसकर दिया था घटना को अंजाम

रायगढ़। मकर संक्रान्ति के एक दिन पहले रायगढ़ में चोरी की नीयत से घर में घुस बदमाशों ने गृह स्वामी के जागने पर प्राणघातक हमला कर दिया। शोर होने पर बदमाश वहाँ से भाग निकले। दूसरे दिन सुबह पुलिस को घर में उनके शव मिले। आरोपी वहाँ से भागकर ट्रेन द्वारा दिल्ली जा रहे थे। छत्तीसगढ़ पुलिस की सूचना पर आरपीएफ झाँसी ने गोण्डवाना एक्सप्रेस से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसकी सूचना पाकर छत्तीसगढ़ पुलिस आई और आरोपितों को साथ लेकर चली गई।
कोतवाली के पास स्थित पुरानी हटरी मार्केट क्षेत्र में रहने वाले बुजुर्ग सीताराम जायसवाल व उनकी बहन अन्नपूर्णा जायसवाल रहते थे। उनका किसी से कोई विवाद नहीं था। 12-13 जनवरी की रात उनके घर में कुछ लोग चोरी की नीयत से घुस गए। शोर होने पर भाई-बहन की आँख खुल गई। उन्होंने देखा कि घर में बदमाश हैं तो मदद के लिए शोर कर दिया। शोर सुनकर बदमाशों ने भागने की कोशिश की, मगर भाई-बहन पीछा करते हुए आँगन में आ गए। बदमाशों ने उन पर वहाँ पड़ी लोहे के रॉड व पत्थरों से हमला कर दिया। इससे दोनों लहूलुहान होकर आँगन में ही गिर पड़े। शोर होने पर बदमाश उन्हें अधमरा छोड़कर भाग निकले। सोमवार की दोपहर तक जब आसपास के लोगों ने भाई-बहन को नहीं देखा तो पुलिस को सूचना दी। स्थानीय पुलिस ने घर में जाकर देखा तो भाई-बहन के शव आँगन में रक्तरंजित अवस्था में पड़े थे। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खँगाले और डॉग स्क्वॉड को बुलाया। कुछ महत्वपूर्ण सुराग स्थानीय पुलिस के हाथ लगे और पुलिस ने बदमाशों की शिनाख्त करते हुए उनकी गिरफ्तारी के लिए जाल फैला दिया।
छत्तीसगढ़ पुलिस से मिला था आरपीएफ को इनपुट
वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी स्टेशन पोस्ट के प्रभारी निरीक्षक आरके कौशिक के अनुसार रायगढ़ (छत्तीसगढ) पुलिस ने सूचना देते हुए बताया कि गोण्डवाना एक्सप्रेस (12409) से डबल मर्डर के आरोपित भागकर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही स्टेशन पोस्ट व क्राइम विंग की टीम गठित की गई और जैसे ही गोण्डवाना एक्सप्रेस झाँसी स्टेशन पर पहुँची, आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई। इस दौरान ट्रेन झाँसी से चल निकली। आरपीएफ की विशेष टीम यात्रियों के बीच उन्हें तलाशती रही। झाँसी-ग्वालियर के बीच गोण्डवाना एक्सप्रेस के सबसे पीछे लगी सामान्य बोगी में सन्दिग्ध अवस्था में छिपकर बैठे 2 युवक व एक युवती को आरपीएफ ने हिरासत में ले लिया। रायगढ़ पुलिस से मिले फोटो से उनका मिलान किया गया तो पुष्टि हो गई। तीनों को झाँसी आरपीएफ पोस्ट पर लाया गया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम रायगढ़ निवासी किशन शर्मा, अतुल कुमार व दिव्या सारथी बताए। उन्होंने बताया कि वह इन्दौर से दिल्ली जा रहे थे। उन्होंने चोरी की नीयत से घर में घुसने और हमला करने की घटना भी स्वीकार की।
दिल्ली जाने के लिए इंदौर से बैठे ट्रेन में
आरोपितों ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह घटना के बाद रायगढ़ से भाग निकले और अपने करीबियों के यहाँ छिपते-छिपाते हुए बीते रोज इन्दौर पहुँचे थे। उन्हें इस बात की जानकारी हो गई थी कि उनकी शिनाख्त हो चुकी है और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापामार कार्यवाही में जुटी है। उनके परिजनों को स्थानीय पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था।
किशन की मंगेतर है दिव्या
पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया है कि तीनों शातिर अपराधी हैं। उनका आपराधिक इतिहास पुलिस खंगाल रही है। किशन और अतुल गहरे दोस्त हैं और काफी समय से अपराध की दुनिया में हैं। उनकी साथी दिव्या भी कई घटनाओं में शामिल रही है। पिछले दिनों किशन और दिव्या ने सगाई कर ली थी और दोनों जल्द ही शादी करने वाले थे।
आरपीएफ की इस टीम को मिली बड़ी सफलता
निरीक्षक आरके कौशिक व शिप्रा, उप निरीक्षक सतीश लाठर, सहायक उप निरीक्षक नवीन कुमार, प्रधान आरक्षी उमेश कुमार, आरक्षी साहिल लोहचब, अरुण सिंह राठौर, हेमन्त कुमार, विक्रम सिंह यादव व रतन कुमार आरोपियों को पकड़ने वाली टीम में शामिल रहे।




