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मालवाहक वाहनों में सवारी ढोने पर कार्रवाई में दोहरा रवैया, हादसों को न्योता दे रही लापरवाही

मालवाहक वाहनों में सवारी ढोने पर कार्रवाई में दोहरा रवैया, हादसों को न्योता दे रही लापरवाही

कभी यातायात विभाग करता है कार्रवाई, तो कभी खुलेआम नियमों की अनदेखी; मालवाहक वाहन में महिलाओं को बैठाकर ले जाने से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

रायगढ़/ शहर की सड़कों पर यातायात नियमों के पालन को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मालवाहक वाहनों में यात्रियों को बैठाकर परिवहन करने पर कभी यातायात विभाग सख्ती दिखाता है, तो कभी ऐसे वाहन सड़कों पर खुलेआम दौड़ते नजर आते हैं। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि नियमों के पालन को लेकर कार्रवाई में निरंतरता का अभाव है। तस्वीर में एक मालवाहक वाहन के पीछे महिलाओं को बैठाकर ले जाते हुए देखा जा सकता है। इस तरह का परिवहन न केवल यातायात नियमों की अनदेखी है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर खतरा पैदा करता है।

मालवाहक वाहन सामान ढोने के लिए बनाए जाते हैं, यात्रियों को बैठाकर ले जाने के लिए नहीं। इसके बावजूद कई बार ऐसे वाहनों में लोगों को बैठाकर सड़कों पर परिवहन किया जाता है। वाहन के पीछे खुले हिस्से में बैठे यात्रियों के लिए गिरने, अचानक ब्रेक लगने पर चोटिल होने और वाहन के असंतुलित होने जैसी आशंकाएं बनी रहती हैं। खासकर तेज रफ्तार, भीड़भाड़ वाले मार्ग और अचानक सामने आने वाले अवरोधों की स्थिति में दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।यदि इस दौरान कोई हादसा होता है, तो यात्रियों को गंभीर चोट लगने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में सवाल उठता है कि जब नियमों का उल्लंघन सामने है, तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की जाती? यातायात व्यवस्था का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि दुर्घटनाओं को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है।शहर में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विभाग समय-समय पर अभियान चलाता है। हेलमेट, बिना दस्तावेज वाहन चलाने और अन्य उल्लंघनों पर कार्रवाई की जाती है। लेकिन मालवाहक वाहनों में सवारी बैठाकर ले जाने जैसे मामलों में भी नियमित निगरानी और समान रूप से कार्रवाई जरूरी है।

अभियान के दौरान हैी सख्ती, नहीं स्थायी समाधान

यातायात विभाग को ऐसे वाहनों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए और वाहन चालकों को भी यह समझना होगा कि थोड़ी सुविधा या समय बचाने के लिए यात्रियों की जान जोखिम में डालना उचित नहीं है। आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी है कि नियमों का पालन सभी के लिए समान रूप से सुनिश्चित किया जाए, ताकि सड़कों पर संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

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