जिला अधिवक्ता संघ चुनाव का रण रोचक, अध्यक्ष के लिए त्रिकोणीय तो सचिव पद पर पंचकोणीय मुकाबला
वकीलों की ‘सरकार’ चुनने 4 नवंबर को डलेंगे वोट, 140 नए मतदाता तय करेंगे जीत-हार का समीकरण; उपाध्यक्ष पदों पर सीधी भिड़ंत
रायगढ़। रायगढ़ जिला अधिवक्ता संघ के द्विवार्षिक चुनाव की बिसात पूरी तरह बिछ चुकी है। इस बार कोर्ट परिसर का चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है, जहां अलग-अलग पदों पर समीकरण पूरी तरह जुदा हैं। संघ की नई कार्यकारिणी को चुनने के लिए आगामी 4 नवंबर को मतदान होगा, जबकि उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 5 नवंबर को होने वाली मतगणना से तय होगा। इस बार कुल 671 अधिवक्ता मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 140 नए चेहरे शामिल हैं। मतदाताओं की यह बढ़ी हुई संख्या ही इस बार ‘किंगमेकर’ की भूमिका निभाएगी।
संघ के सबसे प्रतिष्ठित अध्यक्ष पद पर इस बार मुकाबला त्रिकोणीय हो चला है। मैदान में उतरे तीन प्रमुख दावेदार—महेंद्र सिंह यादव, मनोज कुमार तिवारी और शतेन्द्र कुमार सिंह अपनी-अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। अधिवक्ता समुदाय की निगाहें इस पद पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इन तीनों दिग्गजों के बीच कांटे की टक्कर होने की उम्मीद है। वहीं, संघ के प्रशासनिक कामकाज के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले सचिव पद पर सबसे ज्यादा रोमांच है, जहां 5 उम्मीदवारों की मौजूदगी ने मुकाबले को बहुकोणीय (पंचकोणीय) बना दिया है। बहरहाल अधिवक्ता संघ चुनाव को लेकर अधिवक्ताओ में भी सुगबुगाहट तेज हो गई। न्यायालय के कामकाज के साथ वे चुनावी माहौल का लुफ्त भी ले रहे है, इसके अलावा प्रत्याशी को लेकर न्यायालय बार रूम में चर्चा परिचर्चा भी होने लगी है।
उपाध्यक्ष पदों पर आमने-सामने की लड़ाई
एक तरफ जहां अध्यक्ष और सचिव पद पर बहुकोणीय मुकाबला है, वहीं दूसरी ओर उपाध्यक्ष और कनिष्ठ महिला उपाध्यक्ष पद पर तस्वीर बिल्कुल साफ है। इन दोनों ही पदों पर केवल दो-दो दावेदार मैदान में हैं, जिससे यहां सीधा और आर-पार का मुकाबला देखने को मिलेगा। इसके अलावा, कार्यकारिणी सदस्य के महिला आरक्षित पदों के लिए 3 नाम सामने आए हैं।
बढ़ा हुआ वोट बैंक बिगाड़ सकता है गणित
इस चुनाव का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट मतदाताओं की सूची है। पिछले चुनाव के मुकाबले इस बार मतदाता सूची में 140 अधिवक्ताओं का इजाफा हुआ है। पिछले चुनाव में जहां 531 वोटर थे, वहीं इस बार संख्या बढ़कर 671 हो गई है। जानकारों का मानना है कि ये नए मतदाता किसी भी प्रत्याशी का चुनावी गणित बनाने या बिगाड़ने का माद्दा रखते हैं।
लाउडस्पीकर नहीं, ‘टेबल-टू-टेबल’ संपर्क पर जोर
अधिवक्ता संघ के इस चुनाव में पारंपरिक रैलियों या लाउडस्पीकर के बजाय व्यक्तिगत संपर्क और पेशेवर संबंधों को तरजीह दी जा रही है। उम्मीदवार अदालती कार्यवाहियों के बीच समय निकालकर कोर्ट परिसर में ‘टेबल-टू-टेबल’ जाकर सहकर्मियों से संवाद कर रहे हैं। वरिष्ठों का आशीर्वाद और कनिष्ठों का साथ पाने के लिए हर दावेदार अपनी अलग रणनीति अपना रहा है।
पद का नाम उम्मीदवारों की संख्या मुकाबले का स्वरूप
अध्यक्ष 3 त्रिकोणीय मुकाबला
सचिव 5 बहुकोणीय घमासान
उपाध्यक्ष 2 सीधी टक्कर
कनिष्ठ महिला उपाध्यक्ष 2 सीधी टक्कर
कार्यकारिणी (महिला आरक्षित) 3 सीधा मुकाबला




