बिलाईगढ़ में अपर कलेक्टर न्यायालय खोलने की घोषणा का विरोध, सारंगढ़ जिला अधिवक्ता संघ ने जताई आपत्ति
जिला मुख्यालय की व्यवस्थाएं मजबूत करने की मांग, अधिवक्ताओं ने कहा—पहले सारंगढ़ में सुविधाओं का विस्तार जरूरी
सारंगढ़। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा बिलाईगढ़ दशहरा उत्सव के दौरान प्रवास के समय बिलाईगढ़ में अपर कलेक्टर न्यायालय खोलने की घोषणा के बाद सारंगढ़ में विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। जिला अधिवक्ता संघ सारंगढ़ ने इस घोषणा पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि पहले जिला मुख्यालय सारंगढ़ की व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाना चाहिए। अधिवक्ताओं का कहना है कि जिला मुख्यालय की सुविधाओं और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किए बिना राजस्व न्यायालय का विभाजन जनहित में उचित नहीं है।
जिला मुख्यालय में व्यवस्थाएं अब भी अधूरी : आईसी मिश्रा
वरिष्ठ अधिवक्ता आईसी मिश्रा ने कहा कि सारंगढ़ जिला मुख्यालय स्थित कलेक्टर कार्यालय में जिला कलेक्टर कार्यालय की विधिवत शुरुआत अभी तक नहीं हो पाई है। वहीं, अपर कलेक्टर न्यायालय में पीठासीन अधिकारी का पद पिछले चार माह से रिक्त है। ऐसी स्थिति में बिलाईगढ़ में नया न्यायालय खोलने की घोषणा समय से पहले है। शासन को पहले जिला मुख्यालय की प्रशासनिक एवं न्यायिक व्यवस्थाओं को मजबूत करना चाहिए।
जिला मुख्यालय को मजबूत करने की जरूरत : विजय तिवारी
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विजय कुमार तिवारी ने कहा कि सारंगढ़ जिला अभी विकास की प्रारंभिक अवस्था में है। यहां सभी शासकीय कार्यालयों का विधिवत संचालन और सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित नहीं हो पाया है। ऐसे में राजस्व न्यायालय की व्यवस्था का विभाजन करने से आम लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं। शासन को कोई भी निर्णय लेने से पहले जनसुविधाओं और उसके दूरगामी प्रभावों पर विचार करना चाहिए।
प्रकरणों की संख्या के आधार पर हो निर्णय : अभय मिश्रा
वरिष्ठ अधिवक्ता अभय मिश्रा ने कहा कि शासन को पहले सारंगढ़ मुख्यालय में सभी कार्यालयों का सुचारु संचालन सुनिश्चित करना चाहिए। इसके बाद प्रकरणों की संख्या, प्रशासनिक आवश्यकता और नागरिकों की सुविधा का आकलन कर निर्णय लिया जाना चाहिए। न्यायालय खोलने का निर्णय जनहित और व्यावहारिक जरूरतों को ध्यान में रखकर होना चाहिए।
50 साल चला जिला निर्माण का संघर्ष : देवेंद्र नाथ नंदे
वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र नाथ नंदे ने कहा कि सारंगढ़ को जिला बनाने के लिए लोगों ने लगभग 50 वर्षों तक संघर्ष किया। भाजपा सरकार के 15 वर्षों के कार्यकाल में इस मांग की अनदेखी हुई, जबकि कांग्रेस सरकार के दौरान सारंगढ़ को जिला मुख्यालय का दर्जा मिला।
उन्होंने कहा कि जिला मुख्यालय की व्यवस्थाओं को मजबूत करने के बजाय उसके महत्व को कम करने वाले निर्णय पर पुनर्विचार होना चाहिए। जिला मुख्यालय से बाहर जिला स्तरीय कार्यालय खोलने से पहले स्थानीय भावनाओं और जनहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, अन्यथा सारंगढ़ की जनता पुरजोर विरोध करेगी।
जिला अधिवक्ता संघ ने स्पष्ट किया कि जिला मुख्यालय की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना और आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।




