फार्मर आईडी से लेकर आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे लोग
पटवारियों की हड़ताल से राजस्व कामकाज ठप्प
जनकर्म न्यूज ।रायगढ़। जिले में सप्ताह भर से आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र से लेकर फौती, नामांतरण व राजस्व संबंधित सभी काम काज बाधित हो गया है। जिसके कारण लोगों को भटकना पड़ रहा है। आलम यह है कि पंचायत स्तर में भी छोटे से छोटे काम के लिए पटवारियों की आवश्यकता होती है लेकिन पटवारियों की हड़ताल में चले जाने के कारण कई काम काज बाधित हो गया है।
गौरतलब हो कि पटवारी बीते 13 अक्टूबर से हड़ताल पर चले गये हैं। जिसके कारण पटवारियों से संबंधित पूरी कामकाज व्यवस्था बाधित हो गई है। आय, जाति, निवास के लिए प्रतिवेदन बनाना, फौती काटना, फार्मर आईडी का एप्रूवल करना आदि काम काज बंद हो गया है। किसान या इससे कामकाज कराने वाले लोग वापस आ जाते हैं। जब भी किसान पटवारियों के दफ्तर जाता है तो हड़ताल पर जाने की जानकारी देता है। जिससे काम काज नहीं हो पाता है। खासकर आय, जाति, निवास के लिए विद्यार्थियों और नौकरी पेशा लोगों को ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है।
धान बेचने से वंचित हो सकते हैं किसान
आगामी नवंबर माह से समर्थन मूल्य में धान खरीदी का कार्य प्रारंभ हो जाता है। ऐसे में नये किसानों को धान बेचने के लिए समितियों में पंजीयन एवं च्वाइस सेंटर में किसान आईडी बनवाना होता है। किसान आईडी का एप्रूवल का जिम्मा पटवारियों को दिया गया है। जिससे एप्रूवल नहीं हो पा रहा है। ऐसे में किसान भी समर्थन मूल्य में धान बेचने के लिए वंचित हो सकते हैं।
दफ्तरों में पसरा सन्नाटा
एक ओर जहां पटवारी कार्यालयों में सन्नाटा पसरा हुआ है जिससे वहां पर पटवारियों से संबंधित कामकाज पूरी तरह से बाधित हो गई है। ऐसे में पटवारी कार्यालय में पटवारी प्रतिवेदन बनाने से लेकर फौती, नामांतरण व ऑनलाइन प्रविष्टी का काम पूरी तरह से बंद हो गया है। जिसके कारण किसान सहित लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा है।
राशन कार्ड बनाने के लिए भी आवश्यक है प्रमाण पत्र
अब राशन कार्ड बनवाने के लिए लोगों को पहले आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र आवश्यक है। केन्द्र सरकार की आरएमएस अर्थात राशन कार्ड मॉनिटरिंग सिस्टम में आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र डालना आवश्यक है। यह प्रमाण पत्र तहसीलदार के द्वारा जारी किया गया हो। लेकिन इसके लिए पहले पटवारी प्रतिवेदन जरूरी होता है। हड़ताल के कारण आवेदनों का सत्यापन भी नहीं हो पा रहा है।
जमीन की चौहद्दी नापने के नाम पर हो रहा विरोध
राजस्व पटवारियों की हड़ताल की मुख्य वजह पीवी एप अर्थात फिजिकल वेरिफिकेशन के माध्यम से फसल सत्यापन और गिरदावली प्रक्रिया में आ रही तकनीकी खामियों के विरोध में शुरू हुई है। पटवारियों का कहना है कि व्यावहारिक एवं तकनीकी समस्याओं के कारण एप में काम काज करने में काफी असुविधा हो रही है।
पटवारियों का कहना है कि मौके पर जाकर वेरिफिकेशन तक तो ठीक है लेकिन खेत के चारों मेड़ में घूमना होता है। पटवारियों का कहना है कि अभी खेत में धान लगा हुआ है। जिससे कि कई किसान फसल की सुरक्षा के लिए कांटेदार, झटका मशीन लगाया गया है जिससे कि खेत के चारों कोने तक पहुंचने में उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।




