राशन दुकानों की जांच के लिए नगर निगम ने तैनात किए 18 अधिकारी-कर्मचारी
वार्डवार सौंपी गई जिम्मेदारी, भौतिक सत्यापन के बाद तैयार होगा पंचनामा
रायगढ़। शासकीय उचित मूल्य की दुकानों में राशन वितरण व्यवस्था और उपलब्ध अभिलेखों की जांच के लिए रायगढ़ नगर निगम ने वार्डवार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर दी है। नगर निगम प्रशासन के जारी आदेश के अनुसार, राजस्व निरीक्षकों और संबंधित कर्मचारियों सहित कुल 18 अधिकारियों-कर्मचारियों को भौतिक सत्यापन का दायित्व सौंपा गया है। सभी को निर्धारित समय-सीमा में जांच पूरी कर पंचनामा तैयार करने और प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निगम का यह आदेश कलेक्टर कार्यालय की खाद्य शाखा के पत्र के संदर्भ में जारी किया गया है। इसमें खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालनालय के निर्देशों के अनुरूप उचित मूल्य की दुकानों का भौतिक सत्यापन कराने की बात कही गई है। इसके लिए कर्मचारियों को अलग-अलग वार्डों की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि जांच का काम व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सके।
वार्डवार जिम्मेदारी के तहत कुछ कर्मचारियों को दो वार्ड, जबकि कुछ को तीन वार्डों का प्रभार सौंपा गया है। जांच के बाद तैयार होने वाले पंचनामे और प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित दुकानों की स्थिति का आकलन किया जा सकेगा। हालांकि, आदेश में किसी दुकान में गड़बड़ी मिलने की पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल यह कार्रवाई सत्यापन की प्रक्रिया के तहत की जा रही है। बहरहाल रायगढ़ में शुरू होने वाली यह सत्यापन प्रक्रिया सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इससे दुकानों के संचालन और संबंधित अभिलेखों की स्थिति की जांच की जा सकेगी।
राशन वितरण में पारदर्शिता पर शासन का जोर
छत्तीसगढ़ शासन का खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से पात्र राशनकार्डधारियों को निर्धारित पात्रता के अनुसार खाद्यान्न उपलब्ध कराने के साथ उसके आवंटन, भंडारण और वितरण की निगरानी करता है। शासन ने उचित मूल्य की दुकानों का नियमित निरीक्षण करने और भौतिक सत्यापन में कमी मिलने पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने अप्रैल 2025 में विभागीय समीक्षा के दौरान दुकानों का जल्द भौतिक सत्यापन कराने तथा जांच में सामने आने वाली कमियों और वसूली संबंधी मामलों का शीघ्र निराकरण करने को कहा था।




