रायगढ़ में पहली बार लॉ में पीएचडी प्रवेश परीक्षा 14 अक्टूबर को
लॉ कॉलेज और कॉमर्स कॉलेज से 4-4 परीक्षार्थियों के चयन की जानकारी, विधि शोध केंद्र की स्थापना की उठी मांग
रायगढ़/ रायगढ़ जिले में पहली बार विधि (लॉ) विषय में पीएचडी के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित होने जा रही है। 14 अक्टूबर को होने वाली इस प्रवेश परीक्षा को जिले में उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, लॉ कॉलेज से 4 तथा कॉमर्स कॉलेज से 4 परीक्षार्थियों का चयन किया जाएगा। इसके साथ ही जिले में विधि विषय के शोधार्थियों के लिए स्थायी शोध केंद्र स्थापित किए जाने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है।
इस संबंध में शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ के कुलपति को दिए गए आवेदन में विधि विषय में शोध की स्थिति और शोधार्थियों को होने वाली परेशानियों का उल्लेख करते हुए रायगढ़ में विधि शोध केंद्र की स्थापना की मांग की गई है। आवेदन में बताया गया है कि जिले में विधि विषय में पीएचडी करने के इच्छुक शोधार्थियों के लिए स्थानीय स्तर पर शोध केंद्र उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें दूसरे स्थानों के शोध केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ सकता है। इससे शोधार्थियों को अतिरिक्त समय और आर्थिक खर्च वहन करना पड़ेगा। वहीं, स्थानीय स्तर पर शोध केंद्र उपलब्ध होने से शोधार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों और विधि क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। प्रदेश के शिक्षा मंत्री ओपी चौधरी रायगढ़ जिले से हैं। ऐसे में जिले में पहली बार विधि विषय में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब रायगढ़ में विधि शोध केंद्र की स्थापना की उम्मीद भी बढ़ी है। यदि जिले के किसी महाविद्यालय को विधि शोध केंद्र के रूप में विकसित किया जाता है तो यह रायगढ़ को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एक नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।आवेदन में भी विश्वविद्यालय से रायगढ़ जिले में विधि विषय के लिए शोध केंद्र स्थापित करने तथा उसे मान्यता प्रदान करने का आग्रह किया गया है। अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय और शासन स्तर पर इस मांग को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।
शोध केंद्र से क्या होगा लाभ?
रायगढ़ में विधि शोध केंद्र स्थापित होने पर कानून के क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर उच्च स्तरीय शोध को बढ़ावा मिल सकेगा। शोधार्थी अपने शोध कार्य के लिए नियमित रूप से मार्गदर्शकों से संपर्क कर सकेंगे और दूसरे जिलों में जाने की आवश्यकता कम होगी। इससे समय और संसाधनों की बचत के साथ ही जिले में रिसर्च कल्चर विकसित होगा।इसके अलावा रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय कानूनी एवं सामाजिक विषयों—जैसे आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकार, भूमि विवाद, औद्योगिक कानून, पर्यावरणीय कानून, श्रम कानून, महिला एवं बाल अधिकार तथा न्याय तक पहुंच—पर शोध को प्रोत्साहन मिल सकता है। ऐसे शोध भविष्य में नीतिगत स्तर पर भी उपयोगी साबित हो सकते हैं।
वर्सन/ जिले में पहली मर्तबा ला पी एच डी के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन कराया जा रहा है।इसमें कितने छात्र शामिल होंगे ।शोध केंद्र खोलना है अथवा नहीं यह विश्वविद्यालय स्तर पर तय होगा।
डॉक्टर डी के मिश्रा
प्रिंसिपल
बाल बाल कृष्ण पुरी विधि महाविद्यालय
रायगढ़




