सुशासन तिहार की शिकायतें कागजों में निराकृत, जमीनी स्तर पर समाधान का इंतजार,
ग्राम पंचायत एकताल के जनप्रतिनिधियों ने उठाए सवाल, पोर्टल में ‘निराकृत’ तो हकीकत में अधूरे हैं कार्य
रायगढ़/ प्रदेश शासन द्वारा आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित सुशासन तिहार के दौरान ग्राम पंचायत एकताल में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न विकास कार्यों एवं जनहित से जुड़े मामलों को लेकर कई शिकायतें और मांगें दर्ज कराई थीं। लेकिन शिविर आयोजित होने के कई महीने बाद भी अधिकांश मामलों का जमीनी स्तर पर समाधान नहीं हो सका है। इसके विपरीत ऑनलाइन पोर्टल में कई शिकायतों और मांगों की स्थिति “निराकृत” दर्शाई जा रही है, जिससे जनप्रतिनिधियों में नाराजगी और आश्चर्य का माहौल है।
गौरतलब हो कि आयोजित सुशासन तिहार के शिविर में ग्राम एकताल के सरपंच द्वार अवैध कब्जे की शिकायत, टॉवर लगाने की मांग, सीसी रोड निर्माण, खेल मैदान का विकास, पंचायत क्षेत्र में विभिन्न निर्माण कार्य तथा राज्यसभा सांसद मद से स्वीकृत कार्य प्रारंभ नहीं होने जैसी शिकायतें एवं मांगें दर्ज कराई गई थीं। इनमें से कई आवेदन आज भी लंबित हैं, जबकि कुछ मामलों को ऑनलाइन पोर्टल पर “निराकृत” बताया जा रहा है।
पोर्टल की सूची के अनुसार कुछ आवेदनों की स्थिति “निराकृत” दर्ज है। इनमें ग्राम पंचायत एकताल में खेल मैदान के विकास, सीसी रोड निर्माण तथा अन्य विकास कार्यों से संबंधित मांगें शामिल हैं। जबकि स्थानीय जनप्रतिनिधियों का दावा है कि इन कार्यों का धरातल पर कोई समाधान नहीं हुआ और न ही उन्हें किसी प्रकार की कार्रवाई की जानकारी दी गई।जनप्रतिनिधियों का कहना है कि यदि किसी शिकायत या मांग का वास्तव में निराकरण हुआ है, तो इसकी जानकारी संबंधित आवेदक अथवा पंचायत प्रतिनिधियों को भी मिलनी चाहिए। लेकिन उन्हें ऐसी कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई। ऐसे में बिना वास्तविक कार्रवाई के पोर्टल पर मामलों को “निराकृत” दर्शाना कई सवाल खड़े करता है।
शासन की मंशा पर गैर रहे पानी
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि केवल आंकड़ों में शिकायतों का निपटारा दिखाया जाएगा और जमीनी स्तर पर समस्याएं जस की तस बनी रहेंगी, तो सुशासन तिहार जैसे जनहितकारी अभियान की मंशा पर भी प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।जनप्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि शासन का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना है, लेकिन यदि अधिकारी केवल पोर्टल पर प्रकरणों का निस्तारण दर्ज कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान लें, तो इससे शासन की मंशा प्रभावित होती है।
वर्शन/सुशासन तिहार में दिए गए आवेदनों को ऑन लाईन पोर्टल में निराकृत दिखाया जा रहा है।जबकि कोई भी कार्य पूर्ण नहीं किया गया।जो कि शासन की मंशा पर अधिकारियों की लापरवाही को साबित कर रहा है।
हिमांशु चौहान
सरपंच
ग्राम पंचायत एकताल





